Jamshedpur News: बुधवार को ह्यूमन राइट्स एंड सोशल जस्टिस मिशन के प्रतिनिधिमंडल ने पूर्वी सिंहभूम के नवपदस्थापित वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. एहतेशाम वकारिब से शिष्टाचार मुलाकात कर उनका स्वागत किया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने शहर में कानून-व्यवस्था, सड़क सुरक्षा, यातायात नियंत्रण तथा सामाजिक सरोकारों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर एक विस्तृत ज्ञापन भी सौंपा।
मिशन के प्रतिनिधियों ने एसएसपी से आग्रह किया कि शहर में नियमित रूप से विशेष वाहन जांच अभियान चलाया जाए, ताकि यातायात नियमों का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित हो सके। उन्होंने हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, नशे में वाहन चलाने वालों तथा तेज गति से वाहन चलाने वालों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाने की मांग की। उनका कहना था कि इससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
प्रतिनिधिमंडल ने ऑटो-रिक्शा चालकों द्वारा क्षमता से अधिक सवारी बैठाने और यात्रियों से निर्धारित किराए से अधिक वसूली की बढ़ती शिकायतों पर भी चिंता जताई। उन्होंने पुलिस प्रशासन से ऐसे मामलों में नियमित जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की, ताकि आम यात्रियों, विद्यार्थियों, महिलाओं और दैनिक यात्रियों को राहत मिल सके।
ज्ञापन में शहर की शराब दुकानों के आसपास कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया गया। प्रतिनिधियों ने मांग की कि सभी शराब दुकानों के आसपास कम से कम 500 मीटर के दायरे में नियमित पुलिस गश्त और निरीक्षण किया जाए, जिससे अवैध शराब बिक्री, सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन तथा अन्य असामाजिक गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित करने की मांग की गई कि सभी शराब दुकानें निर्धारित समय रात 10 बजे तक ही संचालित हों और समय सीमा का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए।
मिशन ने यातायात चालान से प्राप्त राजस्व के उपयोग में पारदर्शिता की भी मांग उठाई। प्रतिनिधियों का कहना था कि इस राशि का उपयोग सड़क सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन, जनजागरूकता अभियान तथा यातायात अवसंरचना को मजबूत करने जैसे कार्यों में किया जाना चाहिए। इससे जनता का प्रशासन के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत होगा।
प्रतिनिधिमंडल ने एसएसपी से अनुरोध किया कि ज्ञापन में उठाए गए सभी बिंदुओं पर गंभीरता से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, जिससे शहर में कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके तथा आम नागरिकों के अधिकारों की बेहतर सुरक्षा हो सके।



