Ranchi: झारखंड के ग्रामीण इलाकों को डिजिटल क्रांति से जोड़ने और राज्य के कोने-कोने तक हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के कुशल नेतृत्व में संशोधित भारतनेट कार्यक्रम (BharatNet Phase-III) के क्रियान्वयन के लिए ‘प्रोजेक्ट इंप्लीमेंटेशन एंड सपोर्ट एग्रीमेंट’ (PISA) पर आधिकारिक तौर पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
यह ऐतिहासिक त्रिपक्षीय समझौता केंद्र सरकार की डिजिटल भारत निधि (DBN), झारखंड सरकार और झारखंड डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड (JDICL) के बीच हुआ। इस दौरान डिजिटल भारत निधि के प्रशासक श्यामल मिश्रा, झारखंड सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की सचिव पूजा सिंघल और निदेशक माधवी मिश्रा मौजूद रहीं।
26 हजार से अधिक गांवों की बदलेगी तस्वीर
- राज्य के 260 प्रखंडों (Blocks), 4,395 ग्राम पंचायतों और 26,777 गैर-जीपी गांवों (Non-GP Villages) में हाई-स्पीड इंटरनेट बिछाया जाएगा।
- 4,387 पुरानी ग्राम पंचायतों के नेटवर्क को आधुनिक ‘रिंग टोपोलॉजी’ (Ring Topology) में अपग्रेड किया जाएगा और 8 नई पंचायतों को नया कनेक्शन मिलेगा।
- नेटवर्क की स्पीड और स्थिरता मजबूत करने के लिए मिडिल-माइल इंफ्रास्ट्रक्चर का उन्नयन किया जाएगा।
4.39 लाख घरों को FTTH कनेक्शन
इस परियोजना का सीधा फायदा आम ग्रामीणों और सरकारी संस्थानों को मिलेगा। अगले 5 वर्षों में राज्य में 4,39,049 फाइबर-टू-द-होम (FTTH) ब्रॉडबैंड कनेक्शन दिए जाने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, पूरे नेटवर्क के प्रभावी प्रबंधन और निगरानी के लिए झारखंड में एक अत्याधुनिक स्टेट नेटवर्क ऑपरेशंस सेंटर (SNOC) की स्थापना होगी। BSNL द्वारा इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए JDICL को प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी (PMC) सहायता दी जाएगी।
ई-गवर्नेंस, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी रफ्तार
तेज और निर्बाध इंटरनेट मिलने से गांव-देहात के युवाओं को ऑनलाइन शिक्षा, मरीजों को टेली-मेडिसिन और आम नागरिकों को ई-गवर्नेंस सेवाओं का लाभ उठाने में कोई परेशानी नहीं होगी। केंद्र और राज्य सरकार का यह साझा प्रयास डिजिटल असमानता को खत्म कर राज्य के अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शी और बेहतर नागरिक केंद्रित सेवाएं पहुंचाने में मील का पत्थर साबित होगा।



