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Jamshedpur News: बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन (डीडी) बार के बाहर हुए जानलेवा हमले में घायल करणी सेना नेता हिमांशु सिंह की मौत के बाद पूरे शहर में तनाव और आक्रोश का माहौल है। परिजनों ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और उनके कथित एनकाउंटर की मांग करते हुए पहले पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने सोमवार देर रात विशेष आदेश जारी कर रात्रि में ही पोस्टमार्टम कराने का निर्णय लिया।
उपायुक्त के निर्देश के बाद आधी रात से एमजीएम मेडिकल कॉलेज के पोस्टमार्टम हाउस में आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी गईं। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) से लेकर एमजीएम पोस्टमार्टम हाउस तक बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया ताकि किसी भी अप्रिय घटना की संभावना को रोका जा सके।
इससे पहले टीएमएच परिसर स्थित पुलिस शिविर में प्रशासन की उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में एडीएम लॉ एंड ऑर्डर, सिटी एसपी, धालभूम के एसडीएम समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। करीब डेढ़ घंटे तक चली बैठक में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और विधिसम्मत तरीके से संपन्न कराने की रणनीति बनाई गई।
बैठक के बाद रात करीब ढाई बजे हिमांशु सिंह के शव को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच टीएमएच से एमजीएम पोस्टमार्टम हाउस ले जाया गया। पूरे पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी कराई गई। सुरक्षा कारणों से पोस्टमार्टम हाउस के भीतर किसी भी बाहरी व्यक्ति अथवा परिजन के प्रवेश पर रोक लगाई गई।
उधर, शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए धालभूम अनुमंडल के छह थाना क्षेत्रों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। धालभूम के अनुमंडल दंडाधिकारी अर्नव मिश्रा द्वारा जारी आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा।
आदेश के अनुसार साकची, बिष्टुपुर, सोनारी, कदमा, एमजीएम और मानगो थाना क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के धरना, प्रदर्शन, जुलूस, नारेबाजी, सड़क जाम, पुतला दहन और घेराव पर रोक रहेगी। बिना अनुमति ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग की भी अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा लाठी, डंडा, तीर-धनुष, गड़ासा, भाला अथवा अन्य किसी भी प्रकार के हथियार लेकर चलने पर प्रतिबंध रहेगा। शांति भंग होने की आशंका को देखते हुए पांच या उससे अधिक लोगों के एक स्थान पर एकत्र होने पर भी रोक लगाई गई है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश ड्यूटी पर तैनात कार्यपालक दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारियों, चिकित्साकर्मियों तथा मीडिया कर्मियों पर लागू नहीं होगा। संबंधित पक्षों को पूर्व सूचना देकर सुनवाई कराना तत्काल संभव नहीं होने के कारण यह आदेश एकपक्षीय (एक्स-पार्टी) रूप से जारी किया गया है।
हिमांशु सिंह की हत्या के बाद शहर में लगातार बढ़ते तनाव और विरोध की संभावनाओं को देखते हुए प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक एहतियाती कदम उठाए गए हैं।

