Chaibasa news: पश्चिमी सिंहभूम जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित कुर्सी पंचायत के कांकुशी गांव में बुधवार रात एक हृदयविदारक सड़क हादसे में 35 वर्षीय रेन्डो देवगम ने अपने साथी की जान बचाते हुए खुद अपनी जान गंवा दी। यह हादसा रात करीब आठ बजे उस समय हुआ, जब रेन्डो देवगम अपने मित्र शिव शंकर लमाई के साथ गांव की पुलिया पर बैठकर बातचीत करते हुए मोबाइल देख रहे थे। तभी खेत से हल चलाकर लौट रहा एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर अचानक अनियंत्रित होकर उनकी ओर बढ़ गया।
प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार, जैसे ही रेन्डो देवगम ने ट्रैक्टर को अपनी ओर आते देखा, उन्होंने बिना देर किए अपने साथी शिव शंकर लमाई को जोरदार धक्का देकर पुलिया के नीचे गिरा दिया। रेन्डो की इस सूझबूझ और बहादुरी से शिव शंकर की जान बच गई और उन्हें केवल मामूली चोटें आईं। लेकिन साथी को बचाने के प्रयास में रेन्डो खुद ट्रैक्टर की चपेट में आ गए। ट्रैक्टर का पिछला चक्का उनके शरीर के ऊपर से गुजर गया, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
मृतक के भतीजे सुखराम देवगम ने बताया कि ट्रैक्टर काफी तेज गति से चल रहा था और चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया। ग्रामीणों के मुताबिक चालक पड़ोसी गांव लादुराबासा का रहने वाला है और खेत में हल चलाकर वापस लौट रहा था।
घटना की जानकारी मिलते ही कुर्सी पंचायत के मुखिया निलेश देवगम ने मुफस्सिल थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस तत्काल घटनास्थल पहुंची, आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की और देर रात करीब 11:30 बजे शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, चाईबासा भेज दिया।
रेन्डो देवगम की मौत से पूरे कांकुशी गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। ग्रामीणों ने उन्हें मिलनसार और मददगार स्वभाव का व्यक्ति बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने साथी की जान बचाने के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने मामला दर्ज कर ट्रैक्टर चालक की तलाश और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों ने लापरवाही और तेज रफ्तार से वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
