Bokaro News: रांची में झारखण्ड के औद्योगिक विकास को नई ऊंचाई देने वाली अमृतसर–कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (AKIC) योजना के अंतर्गत बोकारो में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) के शीघ्र क्रियान्वयन को लेकर बोकारो की विधायक श्वेता सिंह ने झारखण्ड सरकार के उद्योग विभाग के सचिव अरवा राजकमल से उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।

बैठक में परियोजना की वर्तमान प्रगति, प्रक्रियात्मक स्थिति तथा निर्माण कार्य प्रारंभ होने में आ रही अड़चनों पर विस्तृत चर्चा हुई। विधायक ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह परियोजना केवल एक औद्योगिक ढांचा नहीं, बल्कि बोकारो और कोलांचल क्षेत्र के दीर्घकालीन आर्थिक भविष्य से सीधे तौर पर जुड़ी हुई है।

बैठक के दौरान निम्न प्रमुख बिंदुओं पर गहन विचार-विमर्श किया गया—
• भूमि चिन्हांकन की वर्तमान स्थिति
• सड़क, बिजली, पानी, ड्रेनेज जैसी आधारभूत संरचनाएं
• विभागीय एवं प्रशासनिक स्वीकृतियां
• पर्यावरणीय व तकनीकी अनुमतियां
• केंद्र–राज्य स्तरीय समन्वय

विधायक ने कहा कि परियोजना पूर्व से चिन्हित भतुआ मौजा की भूमि पर प्रस्तावित है, अब आवश्यकता है कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ शेष प्रक्रियाओं को समयबद्ध रूप से पूरा करें, ताकि निर्माण कार्य शीघ्र आरंभ हो सके। यह उल्लेखनीय है कि कभी देश के प्रमुख औद्योगिक नगरों में गिने जाने वाले बोकारो को नए दौर के उद्योगों से जोड़ने की दिशा में IMC परियोजना एक निर्णायक पहल मानी जा रही है।

इस क्लस्टर के अंतर्गत—
• मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स
• MSME आधारित उद्योग
• स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी आधारित लघु उद्योग
• वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक हब
जैसी सुविधाओं के विकास की परिकल्पना है।

सार्वजनिक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस परियोजना से ₹4,000 करोड़ से अधिक के संभावित औद्योगिक निवेश और हज़ारों प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार अवसरों के सृजन की संभावना मानी जा रही है। इस परियोजना को धरातल पर लाने के लिए विधायक श्वेता सिंह द्वारा पिछले कई महीनों से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। भूमि, विभागीय स्वीकृति एवं संसाधन समन्वय जैसे विषयों पर उन्होंने राज्य स्तर के साथ-साथ केंद्र सरकार के संबंधित विभागों से भी सतत संवाद बनाए रखा है।

IMC परियोजना के शीघ्र क्रियान्वयन को लेकर माननीय विधायक द्वारा केंद्र एवं राज्य—दोनों स्तरों पर नियमित पत्राचार एवं निरंतर संपर्क किया जा रहा है। उद्योग विभाग, संबंधित बोर्ड एवं तकनीकी एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय के माध्यम से यह प्रयास है कि—
प्रशासनिक प्रक्रियाएं सरल हों, स्वीकृतियों में विलंब न हो और परियोजना तेज गति से धरातल पर उतर सके।

बैठक के दौरान उद्योग विभाग के सचिव श्री अरवा राजकमल ने विधायक को आश्वस्त किया कि परियोजना से जुड़ी सभी लंबित प्रक्रियाओं की विभागीय स्तर पर समीक्षा चल रही है और आवश्यक प्रशासनिक व तकनीकी स्वीकृतियां समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएंगी, ताकि निर्माण कार्य में कोई अनावश्यक विलंब न हो।

उन्होंने यह भी कहा कि यह परियोजना राज्य सरकार की प्राथमिक औद्योगिक योजनाओं में शामिल है।

इस अवसर पर विधायक श्वेता सिंह ने कहा— बोकारो केवल एक औद्योगिक शहर नहीं है, यह देश के निर्माण में अपना ऐतिहासिक योगदान देने वाला एक श्रमिक–आधारित अर्थतंत्र रहा है। आज आवश्यकता है कि हम बोकारो को पुराने गौरव से आगे ले जाते हुए नए युग के उद्योग, तकनीक और निवेश से जोड़ें। इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर इसी दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और निर्णायक कदम है।

यह परियोजना केवल इमारतों और फैक्ट्रियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार, छोटे उद्यमियों को अवसर, MSME सेक्टर को मजबूती और पूरे क्षेत्र को आर्थिक स्थिरता मिलने वाली है। हमारा लक्ष्य है कि बोकारो का युवा पलायन न करे, बल्कि यहीं अपने शहर में सम्मानजनक रोजगार पाए।

मैंने लगातार यह प्रयास किया है कि केंद्र और राज्य—दोनों स्तरों पर इस परियोजना को लेकर समन्वय बना रहे, प्रक्रियाएं तेज हों और फाइलों में अटकी योजनाएं जमीन पर उतरें। यह मेरे लिए केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि बोकारो के भविष्य से जुड़ी जिम्मेदारी है।
मुझे पूरा विश्वास है कि अब वह दिन दूर नहीं जब यह क्लस्टर धरातल पर उतरेगा, और बोकारो सिर्फ स्टील सिटी के रूप में नहीं, बल्कि एक आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग, स्टार्टअप और MSME हब के रूप में भी देश के औद्योगिक मानचित्र पर अपनी मजबूत पहचान बनाएगा। बोकारो का विकास ही मेरा संकल्प है और उसी दिशा में यह प्रयास निरंतर जारी रहेगा।

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