Lohardaga: लोहरदगा में मारवाड़ी समाज की महिलाओं द्वारा पिछले 18 दिनों से श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई जा रही गणगौर पूजा शनिवार को धूमधाम के साथ संपन्न हो गई। पूरे शहर में इस दौरान पारंपरिक रंग और सांस्कृतिक उत्साह की अनूठी झलक देखने को मिली।
पूरा माहौल उत्सव, श्रद्धा और उल्लास से भरा हुआ था। हर तरफ रंग, संगीत और भक्ति का संगम नजर आ रहा था, जिसने इस आयोजन को खास बना दिया।
गौरतलब है कि गणगौर पर्व होली के दूसरे दिन से शुरू होता है। इस दौरान कुंवारी कन्याएं अच्छे वर की कामना करती हैं, वहीं नवविवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुखी दांपत्य जीवन के लिए पूजा करती हैं। यह परंपरा लगातार 18 दिनों तक चलती है और अंतिम दिन प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ इसका समापन होता है।
कार्यक्रम में सजी-धजी गणगौर और ईशर जी की प्रतिमाएं लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं। महिलाओं ने इन्हें बेहद सुंदर और पारंपरिक ढंग से सजाया था, जिससे पूरा आयोजन और भी भव्य नजर आया।
इस अवसर पर लोहरदगा जिला मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष दीपक सर्राफ ने सभी को गणगौर महोत्सव और सरहुल पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि गणगौर और सरहुल का एक ही दिन पड़ना सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समरसता का प्रतीक है, जहां अलग-अलग समुदाय मिलकर अपनी परंपराओं के साथ उत्सव मनाते हैं।
कार्यक्रम में ममता बंका, अनीता पोद्दार, अंजली सर्राफ, दीपा पोद्दार, मीणा बंका, मंजू पोद्दार, नेहा अग्रवाल, अंकिता बंका, नीलू शर्मा, रखिया पोद्दार, रितु शर्मा, निधि बंका, रेखा बंका, रश्मि अग्रवाल, रिशु पोद्दार, उषा पोद्दार, प्रिया पोद्दार, रज्जो मोदी, मंजू मोदी, अंजू सर्राफ, दीप्ति शर्मा, रेनू सर्राफ, प्रीति बंका, प्रीति राजगढ़िया, समीक्षा राजगढ़िया, निर्जला शर्मा, प्रीति केडिया और सीमा केडिया सहित समाज की बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।
यह भव्य आयोजन लोहरदगा में सांस्कृतिक एकता, परंपरा और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी की एक सशक्त मिसाल बनकर सामने आया।



