New Delhi: भारत में विदेशी विश्वविद्यालय खोलने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने 15 विदेशी विश्वविद्यालयों को देश में अपने कैंपस स्थापित करने की अनुमति दे दी है। इन संस्थानों में ऑस्ट्रेलिया, इटली, अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम के विश्वविद्यालय शामिल हैं। इनके परिसर बेंगलुरु, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम, मुंबई और चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों में स्थापित किए जाएंगे।
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किन शहरों में खुलेंगे कैंपस?
UGC की मंजूरी मिलने के बाद विदेशी विश्वविद्यालय देश के प्रमुख शैक्षिक और व्यावसायिक केंद्रों में अपने कैंपस शुरू करेंगे। इसके लिए आयोग ने पहले ही विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए थे। केवल उन्हीं संस्थानों को अनुमति दी गई है, जिन्होंने निर्धारित मानकों और नियमों का पालन किया है।
छात्रों को क्या होगा फायदा?
इन विश्वविद्यालयों के भारत में आने से छात्रों को देश में ही अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इससे उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने की आवश्यकता कम हो सकती है। साथ ही विभिन्न देशों के पाठ्यक्रमों और शोध गतिविधियों तक छात्रों की पहुंच भी आसान होगी।
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शिक्षा और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
UGC का मानना है कि इस पहल से भारत में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर होगी और विभिन्न देशों के साथ शैक्षिक सहयोग को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, विदेशी विश्वविद्यालयों के कैंपस खुलने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने और शिक्षा क्षेत्र में नवाचार को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। यह पहल भारत को वैश्विक उच्च शिक्षा केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।




