पटना। बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, अब तक 1 करोड़ 62 लाख 53 हजार प्रभावित लोगों को सुबह-शाम भोजन उपलब्ध कराया गया है। फिलहाल राज्य में 784 कम्युनिटी किचन चलाए जा रहे हैं।
12 राहत शिविरों में 10 हजार से ज्यादा लोग
राज्य में इस समय 12 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं। इनमें 10,353 बाढ़ प्रभावित लोगों के रहने, भोजन और इलाज की व्यवस्था की गई है।
बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच अब तक करीब 4.36 लाख पॉलीथीन शीट, 84,700 ड्राई राशन पैकेट और लगभग 1,400 फूड पैकेट बांटे जा चुके हैं।
1156 सरकारी नावों का संचालन
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के आवागमन और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए अलग-अलग जिलों में 1,156 सरकारी नावें चलाई जा रही हैं।
मवेशियों के लिए भी राहत की व्यवस्था की गई है। अब तक राज्य में करीब 17,731 क्विंटल पशुचारा वितरित किया जा चुका है।
15 जिलों में 49.72 लाख आबादी प्रभावित
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार कई प्रमुख नदियां अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, गंगा, पुनपुन और कमला बलान के जलस्तर पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।
बाढ़ के कारण राज्य के 15 जिलों के 88 प्रखंडों में 575 ग्राम पंचायतों के तहत करीब 49.72 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अरवल शामिल हैं।
कुछ नदियों का जलस्तर घटा
कुछ इलाकों में नदियों के जलस्तर में स्थिरता या गिरावट भी दर्ज की गई है। वीरपुर बराज के पास कोसी का जलस्तर स्थिर है, जबकि इंद्रपुरी बराज के पास सोन और वाल्मीकिनगर बराज के पास गंडक के जलस्तर में गिरावट आई है।
SDRF और NDRF की टीमें तैनात
संभावित बाढ़ को देखते हुए राज्य में SDRF की 27 और NDRF की 10 टीमें तैनात की गई हैं। ये टीमें राहत और बचाव कार्य के लिए तैयार हैं।
बिहार मौसम सेवा केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार अगले दो दिनों में राज्य के कई हिस्सों में बहुत हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। आपदा प्रबंधन विभाग बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।




