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साईं मंदिर के पास मुठभेड़, कैरव गांधी अपहरण कांड के 3 मुख्य आरोपी घायल

Jamshedpur: बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित सीएच साईं मंदिर के समीप गुरुवार देर रात पुलिस और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ में कैरव गांधी अपहरण कांड से जुड़े तीन कुख्यात अपराधी गोली लगने से घायल हो गए। घायल बदमाशों की पहचान गुड्डू सिंह, मोहम्मद इमरान और

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Jamshedpur: बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित सीएच साईं मंदिर के समीप गुरुवार देर रात पुलिस और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ में कैरव गांधी अपहरण कांड से जुड़े तीन कुख्यात अपराधी गोली लगने से घायल हो गए। घायल बदमाशों की पहचान गुड्डू सिंह, मोहम्मद इमरान और रमीज राजा के रूप में हुई है। तीनों मूल रूप से बिहार के गया और नालंदा जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं और अपहरण व फिरौती समेत कई संगीन मामलों में इनकी संलिप्तता रही है।

पुलिस के अनुसार अपहरण मामले में गिरफ्तार किए गए इन तीनों आरोपियों से पूछताछ के दौरान जानकारी मिली थी कि अपहरण की वारदात को अंजाम देने के बाद शहर छोड़ने से पहले उन्होंने सोनारी–बिष्टुपुर इलाके के साईं मंदिर के पास झाड़ियों में हथियार छिपा दिए थे। इसी सूचना के आधार पर देर रात पुलिस टीम तीनों को हथियार बरामदगी के लिए मौके पर लेकर पहुंची।

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घटनास्थल पर पहुंचते ही अचानक एक आरोपी गुड्डू सिंह ने थाना प्रभारी आलोक दुबे के बॉडीगार्ड से कार्बाइन छीन ली और पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई, हालांकि थाना प्रभारी आलोक दुबे समेत सभी पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए। आत्मरक्षा और स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिए पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में कई राउंड गोलियां चलाईं, जिसमें तीनों अपराधियों के निचले हिस्से में गोली लगी और वे मौके पर ही घायल होकर गिर पड़े।

मुठभेड़ के तुरंत बाद तीनों घायलों को कड़ी सुरक्षा के बीच एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। अस्पताल परिसर के साथ-साथ पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।

सिटी एसपी कुमार शिवाशीष ने बताया कि यह कार्रवाई पूछताछ में मिली सटीक सूचना के आधार पर की गई थी। आरोपियों के बताए स्थान से तीन पिस्तौल, कार्बाइन और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए गए हैं। मौके से फायरिंग के खोखे भी मिले हैं। प्रारंभिक जांच में स्पष्ट हुआ है कि अपराधियों ने पुलिस टीम पर जानलेवा हमला किया था, जिसके बाद मजबूरन जवाबी फायरिंग करनी पड़ी।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ये तीनों कैरव गांधी अपहरण कांड के मुख्य आरोपी हैं और घटना के बाद से फरार चल रहे थे। बिहार और झारखंड में फैले इनके आपराधिक नेटवर्क की भी गहन जांच की जा रही है। संभावना जताई जा रही है कि पूछताछ में अपहरण गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके ठिकानों के बारे में महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

उल्लेखनीय है कि 13 जनवरी को युवा उद्योगपति कैरव गांधी का जमशेदपुर से अपहरण कर लिया गया था। लगभग दो सप्ताह तक चले सघन ऑपरेशन के बाद पुलिस ने 27 जनवरी को उन्हें सकुशल मुक्त कराया था। इसके बाद से अपहरण में शामिल गिरोह के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है और अब तक आधा दर्जन से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिए जाने की बात सामने आई है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।

मुठभेड़ में किसी भी पुलिसकर्मी को गंभीर चोट नहीं आई है। पुलिस ने घटनास्थल को सील कर साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और बरामद हथियारों की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक इस मामले में शामिल बाकी फरार अपराधियों की तलाश के लिए छापेमारी तेज कर दी गई है और जल्द ही पूरे गिरोह का पर्दाफाश करने का दावा किया जा रहा है।

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