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ED की बड़ी कार्रवाई: 2700 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग केस में दिल्ली, राजस्थान और गुजरात में रेड

India News: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को 2,700 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग घोटाले के तहत एक बड़ा अभियान चलाया। ED की यह कार्रवाई नेक्सा एवरग्रीन नामक रियल एस्टेट स्कीम से जुड़े धोखाधड़ी मामले में की गई, जिसमें दिल्ली, राजस्थान और गुजरात के करीब

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India News: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को 2,700 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग घोटाले के तहत एक बड़ा अभियान चलाया। ED की यह कार्रवाई नेक्सा एवरग्रीन नामक रियल एस्टेट स्कीम से जुड़े धोखाधड़ी मामले में की गई, जिसमें दिल्ली, राजस्थान और गुजरात के करीब 24 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई।

सूत्रों के अनुसार, ED की टीम ने राजस्थान के जयपुर, जोधपुर, सीकर और झुंझुनू में दबिश दी, जबकि दिल्ली और अहमदाबाद (गुजरात) में भी कई ठिकानों पर कार्रवाई की गई। यह पूरा अभियान धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत संचालित किया जा रहा है।

ED को संदेह है कि नेक्सा एवरग्रीन नामक कंपनी ने निवेशकों को फ्लैट, जमीन या प्रीमियम रिटर्न का लालच देकर करोड़ों की ठगी की। लोगों से बड़ी मात्रा में धन जुटाया गया, लेकिन बाद में उन्हें वादे के मुताबिक रिटर्न नहीं दिया गया। इस घोटाले में कथित रूप से कई निवेशकों की मेहनत की कमाई फंस चुकी है।

ED की जांच का मुख्य उद्देश्य घोटाले से जुड़े वित्तीय लेन-देन की कड़ियों को उजागर करना और मुख्य लाभार्थियों की पहचान करना है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस घोटाले से जुड़ा धन कहां-कहां भेजा गया और किन माध्यमों से इसका इस्तेमाल किया गया।

राजस्थान पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर ED ने केस को टेकओवर किया है। यह मामला तब दर्ज किया गया था जब कई निवेशकों ने शिकायत की कि उन्हें फ्लैट या जमीन देने के नाम पर धोखा दिया गया है। रियल एस्टेट कंपनी ने उन्हें मोटे मुनाफे का झांसा देकर निवेश करवाया था।

फिलहाल जांच जारी है और अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते हैं। इस छापेमारी के जरिए ED घोटाले से जुड़े सभी पात्रों की भूमिका स्पष्ट करना चाहती है और पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।

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