रांची। रांची के निवारणपुर स्थित RSS कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले की जांच अब आर्थिक लेन-देन और फंडिंग के एंगल तक पहुंच गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत दिल्ली, बिहार, झारखंड और कर्नाटक में कई ठिकानों पर छापेमारी की है।
ED की यह कार्रवाई राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के दर्ज मामले के आधार पर की जा रही है। जांच एजेंसी हमले से जुड़े संभावित वित्तीय नेटवर्क और पैसों के लेन-देन का पता लगाने में जुटी है।
16 जून की रात RSS कार्यालय पर हुआ था हमला
NIA के रिकॉर्ड के अनुसार, 16 जून की रात दो अज्ञात लोगों ने RSS कार्यालय की ओर बम फेंके थे। इस मामले की जांच बाद में NIA को सौंप दी गई। NIA ने इस मामले को RC-01/2026/NIA/RNC के रूप में दर्ज किया है।
हमले के मामले में पुलिस ने सैफ अंसारी और अमन अंसारी समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसियां अब हमले की पूरी साजिश और इससे जुड़े नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं।
विदेशी संपर्कों की भी जांच
जांच के दौरान आरोपियों के कथित विदेशी संपर्कों की जानकारी भी सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार, एक आरोपी के दुबई में रहने और वहां एक कथित हैंडलर के संपर्क में आने की बात सामने आई है। जांच एजेंसियां इन संपर्कों और हमले के लिए किसी संभावित फंडिंग के संबंध की भी जांच कर रही हैं।
ED की छापेमारी का मुख्य उद्देश्य हमले से जुड़े पैसों के लेन-देन और संभावित वित्तीय नेटवर्क का पता लगाना है। एजेंसी दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों की भी जांच कर रही है।
जांच अभी जारी है और एजेंसियां हमले की साजिश, फंडिंग और आरोपियों के कथित संपर्कों से जुड़ी कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं।




