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पहली बार दरवाजे तक पहुंची सरकार, बाढ़ पीड़ितों की आंखों में जगी उम्मीद

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और सीएम सम्राट चौधरी के बाढ़ प्रभावित वैशाली, मुंगेर और भागलपुर दौरे पर ग्रामीणों ने कहा- संकट के समय दरवाजे तक पहुंची सरकार।
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Vaishali: “खराब परिस्थिति में सरकार को जनता के यहां आना चाहिए। पहली बार यहां पर कोई मंत्री आ रहा है। जो परेशानी हो रही है, सब कहेंगे। यही तो एक सरकार का फर्ज होना चाहिए।” वैशाली जिले के राघोपुर निवासी संतु दास का यह बयान बाढ़ की विभीषिका झेल रहे उन हजारों ग्रामीणों की मनोदशा को दर्शाता है, जहां संकट के बीच पहली बार दरवाजे तक पहुंची सरकार को देखकर लोगों की आंखों में उम्मीद की नई किरण दिखाई दी है।

बिहार में भीषण बाढ़ और फसलों को पहुंचे भारी नुकसान के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी उच्चस्तरीय दल के साथ ग्राउंड जीरो पर पहुंचे।

मुंगेर, भागलपुर और वैशाली में जमीनी मुआयना

दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री ने मुंगेर जिले के नवागढ़ी, शीतलपुर स्थित इंटर स्तरीय उच्च विद्यालय और सीताकुंड परिसर का निरीक्षण किया। इसके बाद भागलपुर पॉलिटेक्निक में चल रहे निशुल्क राहत शिविर का जायजा लिया। कहीं नाव, कहीं ट्रैक्टर और कहीं हवाई सर्वेक्षण के जरिए दोनों नेताओं ने जलमग्न बस्तियों का मुआयना किया और बाढ़ पीड़ितों से सीधा संवाद साधा।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि संकट की इस घड़ी में केंद्र सरकार बिहार की जनता के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने आश्वस्त किया कि सुरक्षित निकासी और राहत कार्यों के लिए केंद्र हरसंभव वित्तीय व ढांचागत मदद देगा।

8.5 लाख परिवारों को ₹7,000 की सहायता, 83 KM बनेगी सुरक्षा सड़क

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से बाढ़ प्रभावित 8.5 लाख से अधिक परिवारों को अनुग्रह राशि के तौर पर ₹7,000 की अंतरिम सहायता जारी की जा चुकी है। उन्होंने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि मुंगेर और भागलपुर के बीच 83 किलोमीटर लंबी ‘एट-ग्रेड’ सड़क बनाई जाएगी, जो प्रोटेक्शन वॉल (सुरक्षा दीवार) का भी काम करेगी और इस पूरे क्षेत्र को भविष्य में बाढ़ से सुरक्षित रखेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षति का अंतिम आकलन होते ही किसानों को पूरा मुआवजा मिलेगा।

युद्धस्तर पर राहत अभियान: आंकड़े दे रहे गवाही

16 सितंबर तक की प्रशासनिक रिपोर्ट के अनुसार राहत कार्य बड़े पैमाने पर संचालित हैं:

  • आश्रय व भोजन: 12 राहत शिविरों में 10,353 लोग रह रहे हैं; 784 सामुदायिक रसोइयों से अब तक 162.53 लाख थाली भोजन कराया गया।

  • राहत सामग्री वितरण: 4.36 लाख पॉलीथिन शीट, 84,700 ड्राई राशन पैकेट और 1,400 फूड पैकेट बांटे गए।

  • पशुधन सहायता: पशुओं के लिए 17,731 क्विंटल चारे की व्यवस्था की गई।

  • रेस्क्यू ऑपरेशन: 1,156 नावें चल रही हैं, जबकि एसडीआरएफ (SDRF) की 27 और एनडीआरएफ (NDRF) की 10 टीमें तैनात हैं।

ग्रामीणों ने कहा- संकट में साथ खड़ी दिखी सरकार

सरायपुर (वैशाली) की बिटी देवी ने कहा, “सरकार हमारे दरवाजे पर आ रही है, देखकर अच्छा लग रहा है। हम अपनी परेशानी बताएंगे, सरकार बढ़िया काम कर रही है।” वहीं चंदन कुमार ने कहा कि प्रशासन बेहतर काम कर रहा है और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सम्राट चौधरी भी ₹7,000 की तत्काल मदद पहुंचा रहे हैं। भागलपुर के संतोष कुमार ने कहा कि संकट के समय जनता के बीच खुद आना ही सुशासन की असली पहचान है।

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