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जिस साम्राज्य में कभी सूरज नहीं डूबता था, क्या अब टूटने की कगार पर है वह ब्रिटेन?

वेल्स, स्कॉटलैंड और उत्तरी आयरलैंड के नेताओं ने ऐतिहासिक त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर कर पूर्ण स्वायत्तता और जनमत संग्रह की मांग की, जिससे यूके पर बड़ा संवैधानिक संकट मंडरा रहा है।

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London, UK: जिस ब्रिटिश साम्राज्य के दौर में कभी सूरज नहीं डूबता था, उसी यूनाइटेड किंगडम (यूके) का अपना राजनीतिक ढांचा आज इतिहास के सबसे बड़े संवैधानिक संकट से जूझ रहा है। एक दौर में दुनिया भर के देशों के मानचित्र बदलने और सीमाओं का निर्धारण करने वाला ब्रिटेन अब विभाजन का कर रहा सामना, क्योंकि उसके अपने ही क्षेत्रों में गहरे बिखराव की जमीन तैयार हो चुकी है। वेल्स, स्कॉटलैंड और उत्तरी आयरलैंड के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व ने एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर कर लंदन स्थित ब्रिटिश संसद के एकाधिकार को खुली चुनौती दे दी है।

कार्डिफ में त्रिपक्षीय समझौता और लंदन को सीधी चेतावनी

वेल्स की राजधानी कार्डिफ में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में तीनों क्षेत्रों के शीर्ष नेताओं ने एकजुट होकर ब्रिटिश सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी। समझौते पर दस्तखत के बाद जारी संयुक्त बयान में लंदन की वेस्टमिंस्टर सत्ता प्रणाली पर सीधा हमला बोला गया। नेताओं ने कहा कि लंदन से संचालित होने वाला वेस्टमिंस्टर का दौर अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। नेताओं का मानना है कि यूरोपीय संघ (ईयू) से ब्रिटेन के अलग होने (ब्रेक्जिट) के बाद से उनके आर्थिक और रणनीतिक हितों को गंभीर नुकसान पहुंचा है। उनका तर्क है कि उनके नागरिकों का सुरक्षित और समृद्ध भविष्य अब यूके के बजाय फिर से यूरोपीय संघ और स्वतंत्र वैश्विक साझेदारियों के साथ जुड़ने में है।

जनमत संग्रह की मांग और गुड फ्राइडे समझौता

इस बढ़ते दबाव के बीच केंद्र सरकार के पास रास्ते सीमित होते दिख रहे हैं। संसद में इस बात के संकेत दिए गए हैं कि यदि राजनीतिक सहमति और जनभावना बनती है, तो स्कॉटलैंड में स्वतंत्रता पर दूसरे जनमत संग्रह की वैधानिक अनुमति दी जा सकती है। वहीं, 1998 के ऐतिहासिक गुड फ्राइडे समझौते की शर्तों के तहत उत्तरी आयरलैंड के पास यह संवैधानिक अधिकार सुरक्षित है कि यदि जनता का रुझान दिखता है, तो आयरलैंड गणराज्य के साथ एकीकरण के लिए री-यूनिफिकेशन जनमत संग्रह कराया जा सकता है।

ट्रंप के बयान और अंदरूनी राजनीति से बढ़ा संकट

यह इतिहास में पहला मौका है जब स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड तीनों ही क्षेत्रों में स्वतंत्रता-समर्थक और क्षेत्रीय अधिकारों की पैरोकारी करने वाले दल सत्ता में हैं। इस असंतोष को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तब और गति मिली जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने आयरलैंड दौरे में एकीकृत आयरलैंड की अवधारणा का खुला समर्थन करते हुए कहा कि उत्तरी आयरलैंड का आयरलैंड गणराज्य में विलय एक शानदार विचार होगा। अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और अंदरूनी विद्रोह के इस दोहरे दबाव के बीच विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकला, तो यूनाइटेड किंगडम का मौजूदा स्वरूप इतिहास के पन्नों में सिमट सकता है।

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