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रांची/साहिबगंज: झारखंड की सियासत में अवैध खनन का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने साहिबगंज जिले के बड़हरवा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध खनन होने का गंभीर आरोप लगाया है। सोमवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए उन्होंने राज्य सरकार की नीतियों और नीयत पर कई तीखे सवाल खड़े किए। मरांडी ने कहा कि झारखंड की जल, जंगल और जमीन यहां की अमूल्य प्राकृतिक धरोहर हैं, लेकिन मौजूदा सरकार इनके संरक्षण में पूरी तरह विफल साबित हुई है।
वीडियो साक्ष्य के बावजूद कार्रवाई न होने पर उठाए सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने अपने दावों को मजबूती से पेश करते हुए कहा कि बड़हरवा इलाके में लगभग 10 एकड़ की विस्तृत भूमि पर धड़ल्ले से अवैध खनन का खेल चल रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं ने जमीन पर जाकर इस अवैध गतिविधि से जुड़े पुख्ता वीडियो साक्ष्य भी जुटाए हैं। इसके बावजूद, स्थानीय स्तर पर जिम्मेदार विभागों द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने इस पूरे मामले में जिला प्रशासन, स्थानीय पुलिस और खनन विभाग (Mining Department) के अधिकारियों की संदेहास्पद भूमिका पर उंगली उठाई और उन पर माफियाओं को मौन संरक्षण देने का आरोप लगाया।
नींबू पहाड़ का जिक्र कर याद दिलाया पुराना मामला
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए बाबूलाल मरांडी ने साहिबगंज के ही नींबू पहाड़ का संदर्भ दिया। उन्होंने याद दिलाया कि इस क्षेत्र में पहले भी एक हजार करोड़ रुपये से अधिक के कथित अवैध खनन का महाघोटाला सामने आ चुका है, जिसकी जांच चल रही है। उनका आरोप है कि इतने बड़े मामले के उजागर होने के बाद भी जिले के प्रशासनिक अमले ने कोई सबक नहीं सीखा और क्षेत्र में अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाने में तंत्र पूरी तरह नाकाम रहा है।
केंद्रीय एजेंसियों से दखल देने की अपील
मरांडी ने राज्य की मौजूदा सरकार पर पिछले सात वर्षों के दौरान खनन व्यवस्था को जानबूझकर पंगु और कमजोर करने का आरोप मढ़ा। उन्होंने कहा कि स्थानीय अधिकारियों से न्याय की उम्मीद नहीं की जा सकती, इसलिए उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) जैसी शीर्ष केंद्रीय जांच एजेंसियों से इस मामले का तत्काल संज्ञान लेने की अपील की है। उन्होंने मांग की कि एजेंसियां बड़हरवा में चल रहे इस खेल की उच्च स्तरीय जांच करें और दोषियों पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें। हालांकि, खबर लिखे जाने तक बाबूलाल मरांडी द्वारा लगाए गए इन गंभीर आरोपों पर राज्य सरकार, सत्ताधारी दल या संबंधित जिला अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।

