Bokaro news: संघ लोकसेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा (सीएसई) 2025 में दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) बोकारो का छात्र रहे अभिषेक सिंह ने भी उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। देशभर में 308वां स्थान प्राप्त करने वाले अभिषेक की इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई-लिखाई डीपीएस बोकारो से हुई। वर्ष 2014 बैच के छात्र रहे अभिषेक ने दूसरी कक्षा से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई यहीं से की। विद्यालय के सतलज हाउस का छात्र रहे अभिषेक स्कूल के दिनों में बास्केटबॉल वगैरह खेला करते थे, परंतु मुख्य रूप से शुरू से पढ़ाई पर ही केंद्रित रहे।

डीपीएस बोकारो से निकलकर 12वीं के बाद बीआईटी मेसरा से उन्होंने इंजीनियरिंग की। फिर एक प्रतिष्ठित कंपनी में नौकरी शुरू की, लेकिन उनकी इच्छा प्रशासनिक सेवा में जाने की थी। इसके लिए उन्होंने अपनी नौकरी छोड़कर तैयारी तेज की और इस दिशा में प्रयास के क्रम में ही उन्होंने वर्ष 2024 में 67वीं बीपीएससी (बिहार लोक सेवा आयोग) परीक्षा में 23वीं रैंक हासिल की थी। इसके बाद उन्हें सहरसा में प्रशासनिक पदाधिकारी के रूप में ज्वाइन किया। वर्तमान में सहरसा में ही वह वरीय जिला समाहर्ता (सीनियर डिप्टी कलेक्टर) के रूप में पदस्थापित हैं।

बोकारो के चीरा चास स्थित वास्तु विहार फेज- 3 निवासी और फिलहाल मणिपुर में कार्यरत सिविल इंजीनियर दिनेश प्रसाद सिंह एवं गृहिणी आशा सिंह के पुत्र अभिषेक ने कहा कि सरकारी सेवा में रहते हुए यूपीएससी की तैयारी उनके लिए चुनौतीपूर्ण थी, परंतु वह प्रयासरत रहे। डीपीएस बोकारो से मिली शिक्षा-दीक्षा को उन्होंने अपने व्यक्तित्व के विकास का प्रमुख आधार बताया।

अभिषेक की इस सफलता के साथ ही अब डीपीएस बोकारो से यूपीएससी सीएसई 2025 में सफल होने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या तीन से बढ़कर चार हो गई है। इससे विद्यालय परिवार में हर्ष का माहौल देखा जा रहा है। विद्यालय की छात्रा रही अपूर्वा वर्मा ने 42वीं रैंक लाकर जिले में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, तो तेजस्विनी सिंह 62वें स्थान के साथ दूसरे नंबर पर रही, जबकि इसी स्कूल के शुभम कुमार महतो ने भी 142वें रैंक के साथ आईएएस अधिकारी बनने के लिए अपनी अहर्ता पूरी कर ली। विद्यालय की इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए डीपीएस बोकारो के प्राचार्य डॉ. ए. एस. गंगवार ने सभी सफल अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की, साथ ही पूरे मनोयोग से अपनी प्रशासनिक क्षमता का परिचय देते हुए उनसे समृद्ध राष्ट्र-निर्माण में सहयोग की अपील भी की।

Share.
Exit mobile version