रांची: झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफ़ान अंसारी ने विपक्ष पर बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष मृतकों के नाम पर घटिया राजनीति कर रहा है। किसी भी परिवार के व्यक्तिगत दुख और शोक को अपने राजनीतिक फायदे के लिए एक मंच के रूप में इस्तेमाल करना बेहद अमानवीय और संवेदनहीन कृत्य है। विपक्ष को इस तरह की ओछी हरकतों से बाज आना चाहिए।
शुक्रवार को जारी एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जामताड़ा की जनता केवल और केवल क्षेत्र का विकास चाहती है, न कि किसी भी तरह का राजनीतिक ड्रामा। इसलिए विपक्षी दलों को इस तरह के संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति करना तुरंत बंद कर देना चाहिए।
मामले की पृष्ठभूमि और महिला की मृत्यु पर स्थिति स्पष्ट करते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. अंसारी ने बताया कि जिस महिला की मृत्यु हुई, वह पहले से ही बेहद गंभीर रूप से बीमार थीं। जब उन्हें अस्पताल लाया गया, तब डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की पूरी टीम ने उन्हें बचाने का हरसंभव और ईमानदारी से प्रयास किया था। उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार इस पूरे मामले को अत्यंत गंभीरता से ले रही है और इसकी पूरी तरह से निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। उन्होंने वादा किया कि यदि जांच रिपोर्ट में डॉक्टरों की ओर से किसी भी प्रकार की चिकित्सीय लापरवाही, प्रशासनिक चूक या फिर किसी भी स्तर पर कोई दोष सामने आता है, तो दोषी व्यक्ति के खिलाफ कानून के दायरे में रहते हुए बेहद सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
इसके साथ ही, डॉ. इरफ़ान अंसारी ने घटना के बाद अस्पताल परिसर में हुई कथित तोड़फोड़, भारी हंगामे और वहां तैनात स्वास्थ्यकर्मियों के साथ किए गए अभद्र व्यवहार व दुर्व्यवहार की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अस्पताल मरीजों के इलाज के लिए होते हैं, वे कोई राजनीतिक अखाड़ा नहीं हैं जहां आकर कोई भी हंगामा करे। कानून को अपने हाथ में लेने, डॉक्टरों के सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने या चिकित्सालय परिसर में अराजकता फैलाने वाले तत्वों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन ऐसे उपद्रवियों की पहचान करने में जुटा है और उनके विरुद्ध नामजद प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।





