रांची: मानसूनी सीजन के दौरान डेंगू और मलेरिया के बढ़ते खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। शहर को इन खतरनाक बीमारियों से सुरक्षित रखने के लिए रांची नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग ने मिलकर एक व्यापक जन-जागरूकता और स्रोत नष्ट (सोर्स रिडक्शन) अभियान छेड़ दिया है। इसी कड़ी में शुक्रवार को शहर के वार्ड संख्या 21, 22 और 23 में सघन चेकिंग चलाई गई, जहां टीमों ने घर-घर जाकर मच्छरों के लार्वा की खोज की और एंटी-लार्वल दवाओं का छिड़काव किया।
इस पूरे अभियान के दौरान संयुक्त स्वास्थ्य टीमों ने कुल 445 घरों का सघन निरीक्षण किया। इस जांच में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए, जहां 29 घरों में डेंगू फैलाने वाले मच्छरों के एक्टिव लार्वा पाए गए। इसके अलावा, घरों के भीतर और आसपास रखे 2,760 पानी के कंटेनरों व कूलरों को खंगाला गया, जिनमें से 61 कंटेनरों में लार्वा पनपता हुआ मिला। टीम ने बिना वक्त गंवाए इन सभी प्रभावित जगहों पर तत्काल लार्वा को नष्ट करने की कार्रवाई की और मकान मालिकों को जरूरी हिदायत दी।
रांची के सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने आम जनता से अपील की है कि वे अपने घरों और आसपास स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। यदि परिवार में किसी को भी तेज बुखार, गंभीर सिरदर्द या बदन दर्द जैसे लक्षण महसूस हों, तो वे इसे सामान्य मौसमी बीमारी समझकर नजरअंदाज न करें और तुरंत नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर मुफ्त जांच कराएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल जनसहभागिता और सतर्कता से ही डेंगू-मलेरिया पर पूरी तरह काबू पाया जा सकता है। इसके साथ ही स्कूलों में भी बच्चों को जागरूक किया जा रहा है और ‘हर रविवार, मच्छर पर वार’ अभियान के जरिए लोगों को सुरक्षा के उपाय सिखाए जा रहे हैं।





