Ranchi News: राजधानी रांची में राजस्व और भूमि सुधार से जुड़े कार्यों में अब लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की खैर नहीं है। समाहरणालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री ने सख्त लहजे में निर्देश दिया है कि यदि तय समय-सीमा से अधिक कोई भी आवेदन लंबित पाया गया, तो संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध सीधी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
दाखिल-खारिज और म्यूटेशन पर विशेष जोर
बैठक में जिले के सभी अंचल अधिकारियों (CO) और अंचल निरीक्षकों (CI) की मौजूदगी में लंबित राजस्व मामलों की गहन समीक्षा की गई। उपायुक्त ने दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) के आवेदनों को बिना किसी ठोस कारण के लंबित रखने पर कड़ी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने स्पष्ट किया कि म्यूटेशन, परिशोधन और सीमांकन जैसे कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए ताकि आम नागरिकों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
सरकारी जमीन और जल स्रोतों से हटेगा अतिक्रमण
समीक्षा के दौरान भूमि सर्वेक्षण और अतिक्रमण हटाने के कार्यों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। उपायुक्त ने अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने क्षेत्रों में सरकारी भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करें और विशेषकर जल स्रोतों (तालाब, नदी) के किनारे किए गए अवैध कब्जों को तत्काल मुक्त कराएं।
जनता दरबार की शिकायतों का होगा त्वरित निष्पादन
उपायुक्त ने कहा कि जनता दरबार और ऑनलाइन राजस्व पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की अद्यतन स्थिति की वे स्वयं निगरानी करेंगे। उन्होंने पदाधिकारियों से अपील की कि वे एक जन-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाएं और राजस्व व्यवस्था को इतना सुदृढ़ बनाएं कि सेवाएं सुगमता और पारदर्शिता के साथ आम जनता तक पहुंच सकें।
बैठक में सदर SDM कुमार रजत, अपर समाहर्ता रामनारायण सिंह सहित बुंडू के अनुमंडल पदाधिकारी और भूमि सुधार उप समाहर्ता (LRDC) उपस्थित रहे। प्रशासन की इस कड़ाई से उम्मीद है कि जिले में जमीन से जुड़े विवादों और लंबित फाइलों का निपटारा तेजी से हो सकेगा।



