फॉण्ट कनवर्टर NEW

धनबाद अस्पताल से नवजात चोरी: 3 लाख की डील और मासूम का सौदा, 4 अरेस्ट!

Dhanbad News: कोयलांचल के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल SNMMCH में पिछले दिनों हुई नवजात की चोरी ने पूरे स्वास्थ्य महकमे और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। हालांकि, धनबाद पुलिस की तत्परता ने इस मामले का न केवल 72 घंटे के भीतर

अपनी भाषा में पढ़ें

Dhanbad News: कोयलांचल के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल SNMMCH में पिछले दिनों हुई नवजात की चोरी ने पूरे स्वास्थ्य महकमे और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। हालांकि, धनबाद पुलिस की तत्परता ने इस मामले का न केवल 72 घंटे के भीतर पटाक्षेप किया, बल्कि मासूम को उसकी मां की सुरक्षित गोद में भी पहुंचा दिया। सोमवार को आयोजित प्रेसवार्ता में सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव ने इस ‘मासूम के सौदे’ के पीछे की कड़ियाँ खोलते हुए चार आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजने की जानकारी दी।

3 लाख में तय हुआ था मासूम का भविष्य

पुलिस जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे रूह कंपा देने वाले हैं। खुलासा हुआ कि भूली निवासी अभिलाषा सिंह की मामी निसंतान थीं, जिसके लिए अभिलाषा ने अस्पताल कर्मियों से सेटिंग की। इश्तियाक अंसारी और हसीमुद्दीन अंसारी नामक अस्पताल कर्मियों ने 3 लाख रुपये में नवजात दिलाने की डील फाइनल की। अभिलाषा के पति कौशल कुमार सिंह ने इस सौदे के लिए 80 हजार रुपये डिजिटल पेमेंट (Phone-Pe) के जरिए और 70 हजार रुपये का चेक बतौर एडवांस दिए थे।

चेक और कार बरामद, अस्पताल कर्मियों की मिलीभगत

सिटी एसपी ने बताया कि लिखित शिकायत मिलते ही एसएसपी के निर्देश पर एक स्पेशल टीम गठित की गई थी। पुलिस ने दबिश देकर न केवल चोरी किए गए नवजात को बरामद किया, बल्कि वारदात में इस्तेमाल की गई कार और 70 हजार रुपये का एसबीआई चेक भी जब्त कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में मास्टरमाइंड इश्तियाक अंसारी और हसीमुद्दीन अंसारी (अस्पताल कर्मी) के साथ-साथ खरीदार दंपत्ति कौशल कुमार सिंह और अभिलाषा सिंह शामिल हैं।

अस्पताल की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

इस घटना ने अस्पताल की दीवारों के भीतर फल-फूल रहे अवैध नेटवर्क की पोल खोल दी है। मरीजों के परिजनों में इस खुलासे के बाद डर और रोष दोनों देखा जा रहा है। सिटी एसपी ने स्पष्ट किया कि अस्पताल में तैनात अन्य कर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस की इस त्वरित कामयाबी ने यह तो साबित कर दिया कि अपराधी कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून के हाथों से बच नहीं सकता, लेकिन सरकारी अस्पतालों में नवजातों की सुरक्षा अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

इस खबर को भी पढ़ें : Bihar News: नवजात शिशु खरीद-फरोख्त गिरोह का पर्दाफाश… जानें

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram