नई दिल्ली: बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के को-चेयरमैन वाईआर सदाशिव रेड्डी ने BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा से इस्तीफा देने की मांग की है। लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, रेड्डी ने मिश्रा को छह पन्नों का पत्र भेजकर काउंसिल की कार्यप्रणाली और कई फैसलों पर सवाल उठाए हैं।
रेड्डी ने अपने पत्र में ₹150 करोड़ के फंड के कथित हेरफेर, रिश्तेदारों और परिचितों की नियुक्तियों और NALSAR के छात्रों से जुड़े मामले समेत कई मुद्दे उठाए हैं। उन्होंने इन मामलों को लेकर काउंसिल के कामकाज और पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए हैं।
₹150 करोड़ के फंड को लेकर सवाल
रेड्डी ने पत्र में ₹150 करोड़ के फंड से जुड़े कथित लेन-देन और प्रक्रिया पर सवाल उठाया है। हालांकि, ये आरोप पत्र में लगाए गए हैं और इन पर अंतिम निष्कर्ष जांच या आधिकारिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
नियुक्तियों पर भी उठाए सवाल
रेड्डी ने आरोप लगाया कि मनन मिश्रा के कार्यकाल के दौरान काउंसिल के कई महत्वपूर्ण पदों पर उनके रिश्तेदारों और परिचितों की नियुक्तियां हुईं। उन्होंने नियुक्तियों की प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठाए।
NALSAR छात्रों का मामला
रेड्डी ने NALSAR के 2026 बैच के छात्रों से जुड़े मामले का भी पत्र में जिक्र किया। उन्होंने छात्रों के खिलाफ की गई कार्रवाई को गलत और गैरकानूनी बताया। छात्रों के नामांकन को लेकर जारी निर्देश बाद में वापस ले लिया गया था।
15 दिन में इस्तीफा देने की मांग
वाईआर सदाशिव रेड्डी ने मनन कुमार मिश्रा से 15 दिनों के भीतर इस्तीफा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बार काउंसिल बेहतर नेतृत्व की हकदार है और संस्थान की गरिमा बनाए रखने के लिए नेतृत्व में बदलाव जरूरी है।
रेड्डी के पत्र में लगाए गए आरोपों पर अंतिम स्थिति जांच और संबंधित आधिकारिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।




