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पानी की कमी है ‘साइलेंट किलर’! कैसे डिहाइड्रेशन पहुंचाता है किडनी को नुकसान?

Health News: ठंड के दिनों में अक्सर लोग प्यास को नज़रअंदाज़ कर देते हैं, जिससे शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) हो जाती है। यह साधारण सी लापरवाही शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक किडनी पर गंभीर असर डाल सकती है। चिकित्सक चेतावनी

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Health News: ठंड के दिनों में अक्सर लोग प्यास को नज़रअंदाज़ कर देते हैं, जिससे शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) हो जाती है। यह साधारण सी लापरवाही शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक किडनी पर गंभीर असर डाल सकती है। चिकित्सक चेतावनी देते हैं कि पर्याप्त पानी न मिलने पर किडनी अपना सामान्य कार्य ठीक से नहीं कर पाती और कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

पानी न सिर्फ शरीर को हाइड्रेट रखता है, बल्कि यह खून से गंदगी और टॉक्सिन्स को यूरिन के ज़रिए बाहर निकालने का मुख्य माध्यम है। जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो ब्लड फ्लो कम होने लगता है और किडनी के लिए वेस्ट पदार्थों को फिल्टर करना मुश्किल हो जाता है। इसका सीधा असर यूरिन की गुणवत्ता पर पड़ता है, जो गाढ़ा और कम मात्रा में बनने लगता है।

किडनी स्टोन से लेकर फेलियर तक, खतरे गंभीर

विशेषज्ञों के अनुसार, पानी की कमी से यूरिन में मौजूद मिनरल्स और सॉल्ट क्रिस्टल बनाने लगते हैं, जो आगे चलकर दर्दनाक किडनी स्टोन का रूप ले लेते हैं। यह स्थिति इतनी पीड़ादायक हो सकती है कि कई बार मरीज़ को सर्जरी की ज़रूरत पड़ जाती है। इसके अलावा, पर्याप्त पानी न पीने पर शरीर बैक्टीरिया को बाहर नहीं निकाल पाता, जिससे यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (यूटीआई) का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है, जो किडनी तक पहुँचकर उसकी कार्य क्षमता को प्रभावित कर सकता है।

डॉक्टरों के अनुसार, गंभीर डिहाइड्रेशन ब्लड फ्लो को अत्यधिक कम कर देता है, जिससे एक्यूट किडनी इंजरी या अचानक किडनी फेलियर जैसी खतरनाक स्थिति पैदा हो सकती है, जो कुछ ही घंटों या दिनों में जानलेवा साबित हो सकती है। विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि बार-बार डिहाइड्रेशन होने पर किडनी पर लगातार दबाव पड़ता है, जिससे क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) होने का खतरा बढ़ जाता है, जिसके अंतिम चरण में डायलिसिस या किडनी प्रत्यारोपण की आवश्यकता पड़ सकती है।

सामान्य तौर पर, एक स्वस्थ व्यक्ति को रोज़ाना 8–10 गिलास पानी पीना चाहिए। गाढ़ा पीला यूरिन, कम बार पेशाब आना, अत्यधिक थकान, चक्कर आना और मुंह का सूखना डिहाइड्रेशन के प्रमुख संकेत हैं, जिन्हें सर्दियों में भी नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए।

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