Health Adda: दान की गई कॉर्निया को 11 दिनों तक संरक्षित रखा जा सकता है और इसके बाद भी इसे प्रतिरोपण सर्जरी में इस्तेमाल करने पर नकारात्मक असर नहीं पड़ता। शोधकर्ताओं के मुताबिक, फिलहाल आमतौर पर उन दान की गई कॉर्निया का सर्जरी में इस्तेमाल नहीं किया जाता, जिन्हें संरक्षित किए हुए सात दिन से ज्यादा हो चुके हों।
11 दिनों तक सुरक्षित रह सकती है कॉर्निया
आंखों का दान दृष्टि की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। दान की गई कॉर्निया का इस्तेमाल उन मरीजों में प्रतिरोपण के लिए किया जाता है, जिन्हें दृष्टि वापस पाने के लिए इसकी जरूरत होती है। शोध में बताया गया है कि कॉर्निया को 11 दिनों तक सुरक्षित रखने के बाद भी प्रतिरोपण सर्जरी पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता। इससे मौजूदा सात दिन की अवधि के मुकाबले कॉर्निया को सुरक्षित रखने के लिए ज्यादा समय मिल सकता है।
उम्र के साथ कम होते हैं एंडोथीलियल सेल्स
शोधकर्ताओं ने बताया कि उम्र बढ़ने के साथ कॉर्निया में मौजूद एंडोथीलियल सेल्स का कम होना सामान्य प्रक्रिया है। फ्यूक्स बीमारी इस कोशिका क्षति की गति को और बढ़ा देती है।
कॉर्निया प्रतिरोपण से लौट सकती है दृष्टि
फ्यूक्स बीमारी से प्रभावित लोगों में दृष्टि क्षमता वापस पाने के लिए कॉर्निया का प्रतिरोपण एकमात्र इलाज बताया गया है। ऐसे में दान की गई कॉर्निया को सुरक्षित रखने की अवधि से जुड़ी यह जानकारी प्रतिरोपण के लिए उपलब्ध कॉर्निया के इस्तेमाल से जुड़ी है।




