Herzogenaurach, (Germany): जर्मनी के हर्जोजेनौराच शहर की कहानी दुनिया के दो मशहूर शू ब्रांड Adidas और Puma से जुड़ी है। दोनों कंपनियों की शुरुआत एक ही परिवार के दो भाइयों, रुडॉल्फ डॉस्लर और एडॉल्फ डॉस्लर, के साथ हुई थी। दोनों पहले मिलकर जूते बनाते थे, लेकिन पारिवारिक और कारोबारी विवाद इतना बढ़ा कि 1948 में उन्होंने अलग-अलग कंपनियां शुरू कर दीं। बाद में इस दुश्मनी का असर पूरे शहर पर दिखाई देने लगा।
1936 ओलंपिक के बाद बदली भाइयों की किस्मत
रुडॉल्फ और एडॉल्फ डॉस्लर मिलकर ‘डॉस्लर शूज’ नाम की कंपनी चलाते थे। 1936 में बर्लिन में हुए ओलंपिक खेलों के दौरान अमेरिकी एथलीट जेसी ओवेंस ने उनके बनाए जूते पहनकर दौड़ लगाई और चार गोल्ड मेडल जीते। इसके बाद डॉस्लर भाइयों के जूतों की मांग तेजी से बढ़ी और उनका कारोबार भी फैलने लगा। पैसा और शोहरत बढ़ी, लेकिन भाइयों के बीच रिश्ते बिगड़ते गए। घर की छोटी-छोटी बातों से शुरू हुई कड़वाहट धीरे-धीरे कारोबारी रिश्ते तक पहुंच गई। आखिरकार 1948 में दोनों अलग हो गए और अपनी-अपनी जूते की कंपनियां शुरू कर लीं।
एक भाई ने बनाया Adidas, दूसरे ने Puma
एडॉल्फ डॉस्लर को ‘आदि’ नाम से भी जाना जाता था। उन्होंने अपने नाम से Adidas कंपनी शुरू की। दूसरी तरफ रुडॉल्फ डॉस्लर ने पहले अपनी कंपनी का नाम ‘रुडा’ रखा, जिसे बाद में बदलकर Puma कर दिया गया। इस तरह एक ही परिवार से दो अलग शू कंपनियां सामने आईं। दोनों कंपनियों ने बाजार में अपनी जगह बनाई और धीरे-धीरे उनके जूते दुनियाभर में बिकने लगे। लेकिन दोनों भाइयों के बीच प्रतिद्वंद्विता भी बनी रही।
जूतों के साथ शहर भी दो हिस्सों में बंटा
दोनों कंपनियों की प्रतिस्पर्धा का असर हर्जोजेनौराच के लोगों पर भी पड़ा। शहर के लोग Adidas और Puma के समर्थकों में बंटने लगे। रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों कंपनियों में काम करने वाले परिवारों के बीच रिश्ते और शादियां तक प्रभावित हुईं। शहर की कुछ दुकानें, रेस्टोरेंट और दूसरी जगहें भी अलग-अलग समूहों से जुड़ गईं। यहां तक कहा जाता है कि लोग किसी से दोस्ती करने से पहले उसके जूते तक देखते थे।
समय के साथ हालात बदले। आज Adidas और Puma दोनों वैश्विक कंपनियां हैं और डॉस्लर परिवार का इन कंपनियों पर मालिकाना हक नहीं है। लेकिन दो भाइयों के विवाद से शुरू हुई इन दोनों कंपनियों की कहानी आज भी कारोबारी दुनिया की चर्चित कहानियों में शामिल है।




