रामगढ़ : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रामगढ़ जिले के नेमरा स्थित अपने पैतृक आवास पर दिवंगत मां रूपी सोरेन की आत्मा की शांति के लिए पारंपरिक जादोपटिया अनुष्ठान किया। मां के निधन के तीसरे दिन श्राद्धकर्म की परंपरा के तहत यह अनुष्ठान आयोजित किया गया। इस दौरान परिवार के सभी सदस्य मौजूद रहे।
जादोपटिया अनुष्ठान में पारंपरिक चित्रों और लोककथाओं के जरिए जीवन और मृत्यु से जुड़ी मान्यताओं का वर्णन किया गया। इस अनुष्ठान को विशेश्वर चित्रकार ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न कराया। इसके साथ ही आदिवासी परंपरा के तहत तीन नहान यानी स्नान की विधि भी पूरी की गई।
अनुष्ठान में कल्पना सोरेन समेत परिवार के सदस्य रहे मौजूद
इस मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ उनकी पत्नी कल्पना मुर्मू सोरेन और परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए दिवंगत रूपी सोरेन की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
बता दें कि जादोपटिया झारखंड की एक पुरानी लोककला और सांस्कृतिक परंपरा है। इसमें चित्रों और कहानियों के माध्यम से जीवन, मृत्यु और लोकमान्यताओं के बारे में बताया जाता है।



