हजारीबाग: झारखंड के कोयलांचल इलाकों में अवैध कोयला खनन और तस्करी के खिलाफ CISF ने कार्रवाई तेज कर दी है। हजारीबाग के बड़कागांव और केरेडारी से लेकर चरही-चुरचू और रामगढ़ के कुजू तक लगातार छापेमारी की जा रही है। बड़ी मात्रा में अवैध कोयला मिलने के बाद तस्करों में हड़कंप है।
नई व्यवस्था के बाद बढ़ी सख्ती
केंद्र सरकार की नई व्यवस्था के बाद CISF को अवैध कोयला खनन, चोरी, भंडारण और परिवहन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का अधिकार मिला है। इसके बाद ‘Zero Coal Leakage’ अभियान के तहत कोयला क्षेत्रों में निगरानी और कार्रवाई बढ़ाई गई है।
जुलाई में 1798 टन से ज्यादा कोयला जब्त
CISF के अनुसार, जुलाई में झारखंड और पश्चिम बंगाल के कोयला क्षेत्रों में करीब तीन सप्ताह तक अभियान चलाया गया। इस दौरान 1,798.725 मीट्रिक टन अवैध कोयला बरामद किया गया। इसके साथ ही 84 वाहन जब्त किए गए और 21 मामले दर्ज किए गए। जब्त कोयले की कीमत करीब 1.08 करोड़ रुपये बताई गई है।
बड़कागांव में दो बड़ी कार्रवाई
हजारीबाग के बड़कागांव में CISF ने दो बड़ी कार्रवाई की। 26 और 27 अगस्त को जंगल क्षेत्र में ड्रोन की मदद से अवैध कोयले के ठिकानों की तलाश की गई। इस दौरान 256.71 टन कोयला बरामद हुआ।
इसके बाद चपरी के जंगल क्षेत्र में भी कार्रवाई की गई, जहां से 113.32 टन अवैध कोयला जब्त किया गया। दोनों कार्रवाइयों में कुल 370 टन से ज्यादा कोयला बरामद हुआ।
कुजू में 866 टन से ज्यादा कोयला मिला
रामगढ़ के कुजू क्षेत्र में भी CISF ने CCL प्रबंधन और सुरक्षा टीम के साथ मिलकर कार्रवाई की। 7 और 8 अगस्त को चले अभियान में अवैध खनन की सुरंग और उसके आसपास जमा कोयला मिला।
अभियान के दौरान कुल 866.152 मीट्रिक टन अवैध कोयला बरामद किया गया।
अवैध कारोबार पर बढ़ा दबाव
CISF की लगातार कार्रवाई से अवैध कोयला खनन और परिवहन से जुड़े लोगों पर दबाव बढ़ गया है। ड्रोन से निगरानी और गुप्त सूचना के आधार पर की जा रही कार्रवाई से जंगल और दूरदराज के इलाकों में छिपाकर रखे गए कोयले का भी पता लगाया जा रहा है।
हालांकि, स्थानीय स्तर पर किसी पुलिसकर्मी या अधिकारी की कथित संलिप्तता के संबंध में बिना जांच और आधिकारिक प्रमाण के कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
‘Zero Coal Leakage’ अभियान के तहत कार्रवाई आगे भी जारी रहने की संभावना है। इससे बड़कागांव, केरेडारी, चरही-चुरचू और कुजू जैसे क्षेत्रों में अवैध कोयला कारोबार करने वालों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।




