रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (PT) में सामने आईं कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (CID) की विशेष टीम ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और प्रभावी जांच को आगे बढ़ाते हुए CID ने परीक्षा में सफल घोषित किए गए सभी अभ्यर्थियों से उनकी OMR शीट की कार्बन कॉपी उपलब्ध कराने का औपचारिक अनुरोध किया है।
OMR शीट की कार्बन कॉपी जुटाने की पहल
जांच एजेंसी के अधिकारियों के अनुसार, OMR शीट के मूल्यांकन और अंकों के मिलान की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है। CID का मानना है कि मूल OMR शीट और अभ्यर्थियों के पास मौजूद कार्बन कॉपी का फॉरेंसिक विश्लेषण करने से परीक्षा परिणाम में किसी भी तरह की संभावित हेराफेरी, टेंपरिंग या ग्रेस मार्क्स के दावों की सच्चाई सामने आ सकेगी।
एजेंसी ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि सफल अभ्यर्थी पेपर-1 और पेपर-2 दोनों की OMR शीट की कार्बन कॉपी को स्पष्ट रूप से स्कैन करके PDF फॉर्मेट में या साफ फोटो खींचकर CID के पास भेज सकते हैं।
विशेष हेल्पलाइन नंबर और ईमेल आईडी जारी
अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जांच एजेंसी ने आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर 9934309058 और ईमेल आईडी complainjpsc-cid@jhpolice.gov.in जारी की है। अभ्यर्थी निर्धारित माध्यमों के जरिए अपने दस्तावेज और प्रासंगिक विवरण सीधे जांच टीम के साथ साझा कर सकते हैं।
इसके साथ ही, CID ने उन अभ्यर्थियों के लिए भी स्थिति स्पष्ट की है जिनके पास किसी कारणवश कार्बन कॉपी सुरक्षित नहीं है। ऐसे अभ्यर्थियों से अपील की गई है कि वे अपने रोल नंबर के साथ कार्बन कॉपी उपलब्ध न होने का ठोस कारण लिखकर लिखित रूप में CID को सूचित करें।
पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते से दूसरे दिन भी लंबी पूछताछ
14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा और आयोग की कार्यशैली से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर गहन जांच जारी है। इसी कड़ी में CID की टीम ने आयोग के पूर्व अध्यक्ष और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एल. ख्यांगते से लगातार दूसरे दिन भी घंटों तक पूछताछ की है।
जांच अधिकारियों ने पूर्व अध्यक्ष से भर्ती प्रक्रिया के संचालन, परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी के चयन, परिणाम तैयार करने की नियमावली और OMR शीट के प्रबंधन से जुड़े कई अहम सवालों के जवाब मांगे हैं। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि जांच की आवश्यकता पड़ने पर आगे भी उन्हें सवाल-जवाब के लिए बुलाया जा सकता है।
कई बिंदुओं पर केंद्रित है जांच का दायरा
CID अधिकारियों ने साफ किया है कि 14वीं जेपीएससी परीक्षा में धांधली की शिकायतें केवल OMR शीट तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरी चयन प्रक्रिया के तकनीकी व प्रशासनिक पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है। इससे पहले भी एजेंसी ने अभ्यर्थियों और आम नागरिकों से परीक्षा से जुड़े साक्ष्य, दस्तावेज और डिजिटल प्रमाण उपलब्ध कराने का सार्वजनिक आह्वान किया था। जांच एजेंसी का उद्देश्य परीक्षा की पवित्रता बनाए रखना और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।





