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डुमरी आरसी चर्च नवाडीह के तत्वाधान में रविवार को ख्रीस्त राजा तीर्थ यात्रा पर्व श्रद्धा और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। मुख्य अनुष्ठान फादर ब्यातुष किंडो ने मिस्सा पूजा अर्पित कर किया तथा उपस्थित धर्मावलंबियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रभु यीशु सत्य, जीवन और न्याय के राजा हैं, जिनका राज मनुष्य के दिलों पर आधारित है। उन्होंने अपने संदेश में बताया कि यीशु ने धन-संपत्ति के बल पर नहीं, बल्कि ईश्वरीय शक्ति, सेवा, प्रेम, क्षमा और शांति के माध्यम से मानवता को मार्ग दिखाया। उन्होंने कहा कि यीशु एक चरवाहे, एक राजा और एक महान चंगाई दाता के रूप में लोगों के बीच कार्य करते हुए पारदर्शी जीवन का उदाहरण बने और क्रूस का बोझ उठाकर मुक्ति का संदेश दिया। फादर किंडो ने आगे कहा कि क्रूस पर चढ़ते हुए यीशु ने पड़ोसी प्रेम की शिक्षा दी और मानवता को ईश्वर से जोड़ने का कार्य किया। आज उनकी यही शिक्षाएँ—क्षमा, दया, प्रेम और शांति—विश्वासियों के लिए राज्य स्थापना का आधार हैं। इसी कारण हम उन्हें अपने हृदय के राजा के रूप में नमन करते हैं।
शोभायात्रा से हुआ कार्यक्रम का आगाज
पर्व से पूर्व पवित्र संक्रेत को साथ लेकर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। यात्रा चर्च परिसर से शुरू होकर सीपी चौक, क्रूस चौक, जितियाटोली और ब्लॉक रोड होते हुए पुनः चर्च प्रांगण पहुंची, जहां यह सभा में परिवर्तित हो गई। रास्ते भर श्रद्धालु भजन, प्रार्थना और जयघोष करते आगे बढ़ते रहे।
बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल
कार्यक्रम में फादर पिंगल कुजूर, फादर देवनिश तिर्की, डिकन समीर एक्का, सिस्टर वेरनासिया, ज्योति, सचिन, रंजीत, लीविन सहित सैकड़ों की संख्या में धर्मावलंबियों ने भाग लिया और उत्साहपूर्वक पर्व को सफल बनाया।
समापन
पूरे आयोजन में उत्साह, उल्लास और आध्यात्मिक माहौल देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने ईसा मसीह के राज्य, प्रेम और शांति के संदेश को आत्मसात करने का संकल्प लिया।

