Koderama : सेक्रेड हार्ट स्कूल, झुमरी तिलैया में इंडिया पोस्ट, भारत सरकार के झुमरी तिलैया डाकघर के सहयोग से रक्षाबंधन के अवसर पर राखी निर्माण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में कक्षा प्रथम से बारहवीं तक के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए आकर्षक एवं रंग-बिरंगी राखियां बनाईं। विद्यार्थियों ने अपनी बनाई राखियां अपने परिजनों, भारतीय सेना के जवानों तथा अन्य प्रतिष्ठित व्यक्तियों को भेजीं। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों ने प्रेम, सम्मान और देशभक्ति की भावना को अभिव्यक्त किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कैपिटल यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार प्रो. डॉ. अजीत सिंह ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों की रचनात्मकता को निखारने के साथ-साथ उनमें सामाजिक जुड़ाव, संवेदनशीलता और देशप्रेम की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने इंडिया पोस्ट की सेवाओं से विद्यार्थियों को परिचित कराने के लिए विद्यालय की पहल की भी सराहना की। विद्यालय के प्राचार्य प्रमोद शर्मा ने कहा कि राखी केवल भाई-बहन के रिश्ते का प्रतीक नहीं, बल्कि यह प्रेम, विश्वास, सुरक्षा और जिम्मेदारी का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना के जवानों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों को विद्यार्थियों द्वारा राखियां भेजना उनके सम्मान एवं राष्ट्र के प्रति कृतज्ञता की भावना को दर्शाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से डाक सेवाओं के महत्व को समझने और इसका अधिकाधिक उपयोग करने का भी आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान झुमरी तिलैया डाकघर के संदीप कुमार, अतिरेक आनंद, रॉकी कुमारी, सुचिता एवं अमन कुमार ने विद्यार्थियों को डाकघर की विभिन्न सेवाओं एवं कार्यप्रणाली की जानकारी दी और उनका प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने डाक सेवाओं से जुड़ी प्रक्रियाओं को रुचिपूर्वक समझा। प्रतियोगिता में दर्पण ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। श्रेयांश साहा एवं आशी मोदी संयुक्त रूप से द्वितीय तथा समृद्धि एवं शेया बदानी संयुक्त रूप से तृतीय स्थान पर रहे। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय की आर्ट एवं क्राफ्ट शिक्षिका कुंतल जेटवा के मार्गदर्शन में किया गया। आयोजन ने विद्यार्थियों में रचनात्मकता के साथ-साथ प्रेम, भाईचारे, देशभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में उप प्राचार्य प्रवीण कुमार, कोऑर्डिनेटर अमृत झा, सगुफ्ता परवीन, अलका सिंह, चन्दन पांडेय, आशुतोष गौतम, विशाल आनंद, मनोज पाण्डेय, किशोर कुणाल, शांग्जुकता बिद, सतीश कुमार, कुंतल जेठवा, सोमा पाल सहित अन्य शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
—–