Koderma news:  झारखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देश के आलोक में जिला विधिक सेवा प्राधिकार कोडरमा के तत्वावधान में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, कोडरमा रमाकान्त मिश्रा के कुशल मार्गदर्शन में आज शुक्रवार को डोमचांच प्रखंड में अवस्थित चन्द्रावती स्मारक उच्च विद्यालय सी एम स्कूल ऑफ एक्सिलेंस डोमचांच में विश्व बाल श्रम प्रतिषेध दिवस के अवसर पर झालसा द्वारा चलाये जा रहे 90 दिवसीय गहन विधिक जागरूकता एवं आउटरीच अभियान के तहत विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव गौतम कुमार मौजूद थे। शिविर को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि गौतम कुमार ने कहा कि बाल श्रम एक कानूनन एवं सामाजिक अपराध है तथा कानून में इसके लिए कठोर दंड के प्रावधान हैं। किसी भ 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से श्रम कराना अपराध की श्रेणी में आता है।

समाज के अंतिम व्यक्ति तक निःशुल्क एवं सुलभ न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना तथा आमजनों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक एवं सशक्त बनाना भी इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि समाज में वरिष्ठ जनों को उचित सम्मान दिया जाना आवश्यक है ताकि वरिष्ठ नागरिक सशक्तिकरण का लक्ष्य पूरा किया जा सके ।

उन्होंने कहा कि महिलाओ के अधिकारों के संरक्षण के लिए कई कानून बनाये गए है । इसके अलावे सभी वर्ग के लोगो को उनके अधिकारों की रक्षा के लिए एवं समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकार की योजनाओ का लाभ दिलाने के प्रति जिला विधिक सेवा प्राधिकार कोडरमा कृतसंकल्पित है ।

एल ए डी सी एस के अधिवक्ता नवल किशोर ने कहा कि अवयस्क बच्चों को निशुल्क विधिक सहायता महिला एवं बाल अधिकार वृद्ध जनो के अधिकार, साइबर अपराध नशा मुक्ति, बाल विवाह निषेध, घरेलू हिंसा से संरक्षण एवं केंद्र सरकार व राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओ के संबंध में लोगों को जागरूक किया जाए ताकि उनका सीधा लाभ मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बाल श्रम बाल विवाह डायन बिसाही जैसी कुरीतियों एक सभ्य समाज के जघन्य अपराध है। मौके पर विद्यालय के प्रधानाचार्य विनोद कुमार पांडेय, शिक्षक शंकर यादव, चंकी पांडेय,पी एल वी मनोज कुमार व अनुराग पांडेय सहित सैकड़ो छात्र छात्राएं मौजूद रहे।

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