फॉण्ट कनवर्टर NEW

चतरा मॉब लिंचिंग: टंडवा के 2 सब-इंस्पेक्टर , 2 आरक्षी निलंबित, 11 आरोपी भेजे गए जेल

इमरोज हत्याकांड: मूकदर्शक बनी टंडवा पुलिस पर गिरी गाज, विभागीय जांच शुरू

अपनी भाषा में पढ़ें

चतरा: जिले के टंडवा थाना क्षेत्र अंतर्गत बड़गांव में घटी मोहम्मद इमरोज की मॉब लिंचिंग (भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या) की नृशंस घटना को पुलिस कप्तान (एसपी) अनिमेष नैथानी ने अत्यंत गंभीरता से लिया है। घटना के समय कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, उदासीनता और मूकदर्शक बने रहने के गंभीर आरोपों के आधार पर एसपी ने टंडवा थाने में पदस्थापित दो सब-इंस्पेक्टरों (एसआई) और दो आरक्षियों (सिपाहियों) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
एसपी कार्यालय द्वारा जारी निलंबन आदेश के अनुसार, जिन पुलिसकर्मियों पर यह गाज गिरी है उनमें टंडवा थाना के एसआई सुनील सिंह, महिला एसआई दुलारी पूर्ति, आरक्षी दशरथ महतो और आरक्षी प्रदीप कुमार शामिल हैं। निलंबित किए गए चारों पुलिसकर्मियों को अविलंब चतरा पुलिस केंद्र (पुलिस लाइन) से संबद्ध कर दिया गया है। इसके साथ ही, महकमे की छवि धूमिल करने और सुरक्षा में चूक के इस मामले में चारों के विरुद्ध विभागीय जांच और सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के भी औपचारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि बड़गांव में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप के बाद उग्र भीड़ ने मो. इमरोज और उनके परिजनों पर हमला कर दिया था, जिसमें इलाज के दौरान इमरोज की मौत हो गई थी। घटना के बाद सामने आए वीडियो और प्राथमिक जांच से स्पष्ट हुआ कि मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने पीड़ित को बचाने के लिए आवश्यक और सार्थक प्रयास नहीं किए। टंडवा एसडीपीओ प्रभात रंजन बरवार की जांच रिपोर्ट के आधार पर एसपी ने यह सख्त रुख अपनाया है।
घटना के बाद से ही पुलिस की विशेष टीमें बड़गांव और आसपास के इलाकों में लगातार छापेमारी कर रही हैं। भीड़ हिंसा और हत्या के इस जघन्य मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस अब तक 11 नामजद मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज चुकी है। एसपी ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की पहली प्राथमिकता है और इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram