Bokaro news: बोकारो कलाकार संघ द्वारा रविवार की शाम चीरा चास स्थित आशियाना फेज 4 में महामिलन समारोह सह पिकनिक का आयोजन किया गया। इस आयोजन में बोकारो जिला के कलाकारों, साहित्यकारों व पत्रकारों की अच्छी उपस्थिति ने आयोजन को सार्थक बना दिया। गीत-संगीत व काव्य पाठ ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। बोकारो कलाकार संघ के अध्यक्ष जगदीश बाबला व महासचिव मनबोध मिश्रा ने कला और संस्कृति के इस संगम में सभी का स्वागत किया।

उन्होंने कहा कि आज का यह दिन हमारे संघ के लिए अत्यंत गौरवशाली है। हमारे बीच उपस्थित लोकतंत्र के चौथे स्तंभ, हमारे पत्रकार बंधु जो कला और कलाकारों की आवाज़ को जन-जन तक पहुँचाते हैं; हमारे साहित्यकार बंधु, जिनकी कलम समाज को आईना दिखाती है और हमारे अनमोल कलाकार, जो अपनी साधना से इस धरा को जीवंत रखते हैं सभी का हार्दिक स्वागत, अभिनंदन है। महासचिव मनबोध मिश्रा ने कहा कि संघ के अध्यक्ष जगदीश बाबला जी के नेतृत्व में यह संघ निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है। कलाकार समाज की आत्मा होता है। बोकारो कलाकार संघ का उद्देश्य न केवल कलाकारों को एक मंच देना है, बल्कि उनकी प्रतिभा को वह सम्मान दिलाना है जिसके वे हकदार हैं।

इस अवसर पर काव्यपाठ व गायन में साहित्यकारों व कलाकारों ने की उत्साहपूर्वक भागीदारी प्रशंसनीय रही। कवि वेंकटेश शर्मा के संचालन में आयोजित काव्यपाठ में वरिष्ठ कवि रणधीर चन्द्र गोस्वामी ने अन्याय की दीवारें, राम आगर सिंह ने सपने में भगत सिंह आए, डॉ दयानंद बटोही ने हम सब एक हैं, अरुण पाठक ने मैथिली में सद्भावना गीत जाति धर्म के नाम पर नहि बांटू इंसान के, मनोज उपाध्याय उर्फ सुमनजी ने कर्ण कुंती संवाद सुनाकर सबकी प्रशंसा पाई।

तत्पश्चात् गायन का दौर चला जिसमें गायक अरुण पाठक ने चंदन सा बदन चंचल चितवन…, दीवानों से ये मत पूछो…, ना झटको जुल्फ से पानी… व मैथिली गीत कोहबर सजा राबू हम गाम आबै छी…, मृत्युंजय भट्टाचार्य ने रिमझिम गिरे सावन.., कहीं दूर जब दिन ढल जाए…, सोमेश मिश्रा ने वो तेरे प्यार का गम…, रमण चौधरी ने छू लेने दो नाजुक होठों को व हम तुमसे जुदा होके.., पंकज राय ने मेरे महबूब कयामत होगी.. व देवराज महतो ने की बोर्ड पर धुन सुनाकर सभी को आनंदित किया। सभी ने इस मौके पर चाय-कॉफी व लज़ीज व्यंजन का आनंद लिया।

अंत में अध्यक्ष जगदीश बाबला ने धन्यवाद ज्ञापन में कहा कि बोकारो कलाकार संघ का यह परिवार निरंतर प्रगति करे और हम सभी मिलकर कला की सेवा करते रहें, यही हमारी कामना है। इस अवसर पर वीरेश सिन्हा, रंजीत कुमार, कन्हैया वर्मा, राजेश चौधरी, महेश, अनिल सिंह, के एन सिन्हा सहित काफी संख्या में कलाकार व कलाप्रेमी उपस्थित रहे।

Share.
Exit mobile version