Bokaro News: चंदनकियारी प्रखंड मुख्यालय में मुखिया संघ का अनिश्चितकालीन धरना लगातार तेज होता जा रहा है। 9 सूत्री मांगों को लेकर बैठे मुखियाओं के आंदोलन में शनिवार को नई ऊर्जा तब आई जब झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के केन्द्रीय सचिव और चंदनकियारी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी अर्जुन रजवार धरनास्थल पहुंचे और खुलकर समर्थन दिया।
“मांगें पूरी तरह जायज, मुखियाओं की अनदेखी गलत”- अर्जुन रजवार
अर्जुन रजवार ने मुखिया संघ की मांगों को पूरी तरह उचित बताया। उन्होंने कहा कि पंचायतों का काम तब तक नहीं चल सकता जब तक मुखिया सम्मान और अधिकार के साथ काम न करें। रजवार ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि आंदोलन को उग्र रूप देने की जरूरत पड़ी, तो JLKM पीछे नहीं हटेगा।
उनके अनुसार, सरकार के ‘सरकार आपके द्वार’ जैसे कार्यक्रम तभी सफल होंगे जब गांव स्तर के जनप्रतिनिधि संतुष्ट हों और उन्हें उचित अधिकार मिले।
सरकार से सवाल- “पंचायत की आवाज सुने बिना विकास कैसे?”
सरयू राय ने सवाल किया कि जब पंचायतों को अधिकार नहीं दिए जा रहे, फंड अटका हुआ है और मानदेय तक समय पर नहीं मिलता, तो योजनाएँ कैसे नीचे तक पहुंचेंगी? उन्होंने कहा कि मुखिया गांवों में सरकार की पहली कड़ी होते हैं। अगर वही उपेक्षित रहेंगे, तो विकास कार्य रुकना तय है।
रजवार ने सरकार से मांग की कि मुखिया संघ की सभी मांगों पर तत्काल निर्णय लिया जाए, नहीं तो आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है।
आंदोलन में बढ़ी तेज़ी, कई मुखिया और JLKM नेता मौजूद
JLKM के समर्थन से धरने में नया जोश आया है। मुखिया संघ ने साफ किया कि फंड रिलीज़, मानदेय वृद्धि, बीमा सुविधा और पंचायतों को अधिकार देने जैसी मांगें पूरी होने तक आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा। धरना स्थल पर मुखिया गोवर्द्धन शेखर, राजीव राय, अजय कुमार रजवार, श्यामपद गोराई, अतिलाल महतो, राजेश ठाकुर, सीमांतो प्रमाणिक, सत्यपद प्रमाणिक, मिथिलेश चौधरी, संतोष रवानी, जलेश्वर दास, दिलीप सोरेन, अनवर अंसारी, निर्मल मोदी, शीतल सिंह, गयाराम मांझी सहित JLKM नेता मनपूरण महतो और बीरू महतो मौजूद रहे।



