Chamoli: उत्तराखंड के चमोली जिले अंतर्गत पीपलकोटी के मायापुर में निर्माणाधीन टनल में हुए भीषण हादसे के बाद युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य जारी है। सुरंग के भीतर अचानक हुए भारी भूस्खलन और पानी के तेज रिसाव के कारण काम कर रहे कई मजदूर मलबे की चपेट में आ गए। हादसे में अब तक 7 मजदूरों की जान जा चुकी है, जबकि बचाव दलों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 14 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। टनल के भीतर फंसे शेष 3 मजदूरों को निकालने के लिए ऑपरेशन जारी है।
टनल के अंदर खुद उतरे सीएम पुष्कर सिंह धामी
हादसे की गंभीरता को देखते हुए सीएम पुष्कर सिंह धामी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने सुरक्षा प्रोटोकॉल के बीच टनल के अंदर जाकर स्थिति का स्थलीय निरीक्षण किया और राहत दलों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सीएम ने बताया कि टनल में कुल 22 लोगों के मौजूद होने की जानकारी थी, जिनमें से 19 लोगों को बाहर निकाल लिया गया है और शेष 3 लोगों तक पहुंचने की हरसंभव कोशिश की जा रही है। मौके का मुआयना करने के बाद सीएम घायलों का हाल जानने गोपेश्वर जिला अस्पताल पहुंचे।
13 घायल अस्पताल में भर्ती, एक गंभीर मरीज रेफर
रेस्क्यू किए गए 14 मजदूरों में से 13 घायलों को तत्काल गोपेश्वर के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम उनकी देखरेख कर रही है। एक गंभीर रूप से घायल मजदूर को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए श्रीनगर स्थित हायर सेंटर रेफर किया गया है। प्रशासन ने सभी नजदीकी अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखा है।
सेना, NDRF और SDRF की टीमें युद्धस्तर पर तैनात
सुरंग के भीतर लगातार आ रहा पानी और जमा मलबा रेस्क्यू ऑपरेशन में गंभीर चुनौती पैदा कर रहा है। मलबे को हटाने और फंसे मजदूरों तक सुरक्षित पहुंचने के लिए NDRF के 27, SDRF के 42, फायर सर्विस के 9 और पुलिस के 22 जवानों के साथ सेना और ITBP की टीमें संयुक्त रूप से जुटी हुई हैं। गौचर और जोशीमठ से भी अतिरिक्त टीमें उपकरणों के साथ तैनात की गई हैं।




