Chaibasa News: चाईबासा में विजयादशमी का पर्व धार्मिक उल्लास और परंपरा की खुशबू के साथ मनाया गया। नगर के विभिन्न दुर्गा पंडालों में पूजा-अर्चना के उपरांत श्रद्धालुओं ने परंपरागत रूप से मां दुर्गा के घट तथा प्रतिमाओं का विसर्जन किया।

सिंदूर खेला से सज उठी परंपरा

विसर्जन से पहले सुहागिन महिलाओं ने सदियों से चली आ रही सिंदूर खेला की रस्म निभाई। लाल-सफेद साड़ी में सजी महिलाएं एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर मां दुर्गा से परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करती नजर आईं। इस दौरान पूरा माहौल उल्लास और उत्साह से भर उठा।

शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाब

विसर्जन यात्रा की शुरुआत ढोल-धाक की गूंज और जयकारों से हुई। “मां दुर्गा की जय” और “आबार आसबे बोछोर” जैसे नारों से पूरा शहर गूंज उठा। बच्चे, युवा और महिलाएं थिरकते-नाचते यात्रा में शामिल हुए। बंगाली समुदाय की महिलाएं पारंपरिक गीत गाती हुई नजर आईं, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।

शांतिपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुआ विसर्जन

नगर की गलियों से गुजरती शोभायात्रा नदी तट पर पहुंची और विधि-विधान के साथ देवी प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। प्रशासन की कड़ी सुरक्षा और स्वयंसेवकों की मौजूदगी से यह भव्य आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा को विदाई दी और विश्वास जताया कि वे अगले वर्ष पुनः आशीर्वाद देने लौटेंगी।

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