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बम हमले में बचे थे अजय प्रताप, अब सड़क हादसे में मौ’त; सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

Gamharia: सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया स्थित शिवपुरी कॉलोनी निवासी 40 वर्षीय जमीन कारोबारी अजय प्रताप की सोमवार तड़के संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रारंभिक तौर पर चिकित्सकों ने हार्ट अटैक की आशंका जताई है, हालांकि पूरे घटनाक्रम को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं

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Gamharia: सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया स्थित शिवपुरी कॉलोनी निवासी 40 वर्षीय जमीन कारोबारी अजय प्रताप की सोमवार तड़के संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रारंभिक तौर पर चिकित्सकों ने हार्ट अटैक की आशंका जताई है, हालांकि पूरे घटनाक्रम को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं भी जारी हैं। पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट होने की बात कही है।

पूरी रात गाड़ी के अंदर ही तड़पते रहे अजय

जानकारी के अनुसार अजय प्रताप रविवार देर रात करीब 11 बजे अपनी स्कॉर्पियो (संख्या जेएच05डीएम-8864) से गम्हरिया से कांड्रा की ओर जा रहे थे। इसी दौरान गम्हरिया थाना से कुछ दूरी पर रामचंद्रपुर स्थित भारत पेट्रोलियम पेट्रोल पंप के समीप उनकी गाड़ी अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वाहन का अगला टायर फट गया। आशंका जताई जा रही है कि वाहन चलाते समय उन्हें दिल का दौरा पड़ा, जिससे वे नियंत्रण खो बैठे और यह हादसा हुआ।

सोमवार सुबह स्थानीय लोगों ने वाहन को क्षतिग्रस्त हालत में खड़ा देखा और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने अजय प्रताप को गाड़ी के अंदर अचेत अवस्था में पाया। उन्हें तत्काल टाटा मुख्य अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। बताया जाता है कि दुर्घटना के बाद पूरी रात वे वाहन के भीतर ही पड़े रहे और गाड़ी की हेडलाइट भी जलती रही, लेकिन किसी की नजर उन पर नहीं पड़ी। यहां तक कि पुलिस पेट्रोलिंग दल भी उस ओर नहीं पहुंचा, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

विवादों और हमलों से रहा है पुराना नाता

गौरतलब है कि पिछले वर्ष टीचर्स ट्रेनिंग मोड़ के समीप एमटीसी मॉल के पास हुई बमबारी की घटना में भी अजय प्रताप घायल हुए थे। वे जमीन सहित विभिन्न कारोबार से जुड़े थे और क्षेत्र में उनकी अच्छी पहचान थी। कुछ आपराधिक तत्वों से उनके संबंधों को लेकर भी समय-समय पर चर्चाएं होती रही हैं। वहीं, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय संस्थान की जमीन को लेकर पिछले साल हुआ विवाद भी सुर्खियों में रहा था, हालांकि बाद में मामला शांत हो गया था।

हाल के दिनों में उन्हें घाटशिला के विधायक सोमेश चंद्र सोरेन के करीबियों में गिना जा रहा था। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है। उनके परिवार में पत्नी हैं। पुलिस दुर्घटना और मौत के सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

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