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Dhaka: बांग्लादेश संसदीय चुनाव में प्रचंड जीत हासिल करने के बाद भावी प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के प्रमुख तारिक रहमान ने देश में एक नई राजनीतिक शुरुआत की है। रविवार को तारिक रहमान ने जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख डॉ. शफीकुर रहमान और छात्र आंदोलन से उपजी नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी) के नेता नाहिद इस्लाम से उनके आवास पर जाकर मुलाकात की। बीएनपी ने इन मुलाकातों को ‘फासीवाद मुक्त’ और न्याय आधारित नया बांग्लादेश बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया है।
बीएनपी की ऐतिहासिक वापसी
हाल ही में संपन्न हुए 13वें संसदीय चुनावों में तारिक रहमान के नेतृत्व में बीएनपी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 49.97 प्रतिशत वोट और 209 सीटों पर कब्जा जमाया है। इस दो-तिहाई बहुमत के साथ पार्टी 17 साल बाद सत्ता के गलियारों में वापस लौटी है। वहीं, जमात-ए-इस्लामी ने भी अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 68 सीटें जीतकर खुद को दूसरी सबसे बड़ी ताकत के रूप में स्थापित किया है।
जमात और छात्र नेताओं के साथ गठबंधन का संकेत
बीएनपी महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर के साथ जमात प्रमुख के घर पहुंचे तारिक रहमान का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। जमात प्रमुख ने इस मुलाकात को ‘राष्ट्रीय राजनीतिक यात्रा का एक अहम पल’ करार दिया। इसके बाद रहमान ने नाहिद इस्लाम से भी मुलाकात की, जिनकी पार्टी एनसीपी ने शेख हसीना सरकार के पतन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
राष्ट्रीय एकता का आह्वान
शपथ ग्रहण से पहले तारिक रहमान ने स्पष्ट संदेश दिया है कि उनकी प्राथमिकता देश में शांति और राजनीतिक परिपक्वता लाना है। उन्होंने सभी दलों से अपील की है कि चुनावी प्रतिस्पर्धा की कड़वाहट को प्रतिशोध में न बदलें। जमात-ए-इस्लामी और अन्य सहयोगी दलों के साथ मिलकर वे एक ऐसी स्वायत्त सरकार बनाने का सपना देख रहे हैं, जो पूरी तरह लोकतांत्रिक और समावेशी हो।
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