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नक्शे से हटकर बने भवनों पर गिरेगी गाज, मुख्य सड़कों पर अवैध निर्माण की जांच शुरू

रांची: राजधानी को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए रांची नगर निगम ने अब अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ अपना रुख सख्त कर लिया है। प्रशासक के कड़े निर्देशों के बाद नगर निगम की टीम ने पूरे शहर में भवन जांच का एक व्यापक

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रांची: राजधानी को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए रांची नगर निगम ने अब अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ अपना रुख सख्त कर लिया है। प्रशासक के कड़े निर्देशों के बाद नगर निगम की टीम ने पूरे शहर में भवन जांच का एक व्यापक अभियान छेड़ दिया है। इस अभियान का स्पष्ट संदेश है कि शहर में नियमों का उल्लंघन कर किए गए निर्माण को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

निशाने पर शहर की प्रमुख सड़कें

नगर निगम की डे dedicated रोड मैनेजमेंट टीम (DRMT) ने शहर की धमनियों कहे जाने वाले प्रमुख मार्गों पर स्थित व्यावसायिक और आवासीय भवनों का विस्तृत निरीक्षण किया। जांच के दौरान यह देखा जा रहा है कि क्या भवनों का निर्माण स्वीकृत नक्शे के अनुसार हुआ है या नहीं। साथ ही, सेटबैक एरिया (बिल्डिंग के चारों तरफ छोड़ी जाने वाली खाली जगह) के उल्लंघन और गिफ्ट डीड के तहत छोड़ी गई जमीन पर अवैध कब्जे की गहनता से पड़ताल की जा रही है।

इन बड़े प्रतिष्ठानों की हुई जांच

जांच दल ने शहर के चार प्रमुख इलाकों में छापेमारी की और दर्जनों बड़े भवनों की सूची तैयार की है:

  • मेन रोड: पंचरत्न गैलेरिया, होटल पर्ल, विशाल मेगा मार्ट, होटल फाउंटेन, दिलखुश बार एंड रेस्टोरेंट और वैन ह्यूसन शोरूम जैसे बड़े नाम जांच के दायरे में हैं।

  • सर्कुलर रोड: इंडसइंड भवन, खादिम शोरूम, पासा हाउस, रांची मटन ढाबा और एसबीआई लालपुर जैसे भवनों का निरीक्षण किया गया।

  • एचबी रोड: होटल राज, होटल रॉयल्स, श्री दुर्गा टॉवर, कैलाश एन्क्लेव और होटल आर्या सहित कई कॉम्प्लेक्स की जांच की गई।

  • बिरसा चौक से हिनू रोड: योगी सुपर मार्ट, वी-मार्ट, मारुति सुजुकी नेक्सा, सृष्टि हॉस्पिटल और कई व्यावसायिक परिसरों में विसंगतियां तलाशी गईं।

3 दिनों का अल्टीमेटम और कड़ी कार्रवाई की चेतावनी

निरीक्षण के दौरान कई भवनों में निर्माण संबंधी गंभीर खामियां और नियमों का उल्लंघन पाया गया है। नगर निगम ने संबंधित भवन स्वामियों को कड़ी चेतावनी देते हुए निर्देश दिया है कि वे तीन दिनों के भीतर अपने भवन से संबंधित सभी वैध दस्तावेज सक्षम प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करें।

निगम ने साफ कर दिया है कि यदि निर्धारित समय में दस्तावेज पेश नहीं किए जाते या जांच में उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो झारखंड भवन उपविधि 2016 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम का यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा ताकि सार्वजनिक मार्ग सुरक्षित रहें और रांची एक अनुशासित शहर के रूप में विकसित हो सके।

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