Bokaro News: बोकारो स्टील प्लांट ने कार्यस्थल की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए एक नई पहल की शुरुआत की है। रिफ्रैक्टरी मटेरियल प्लांट (RMP) विभाग की ओर से ‘मंथली सेफ्टी चैंपियन ऑफ RMP’ पुरस्कार का पहला सम्मान अक्टूबर 2025 महीने के लिए संविदा श्रमिक देव शरण पाल को दिया गया। यह कदम खास तौर पर संविदा कर्मियों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सुरक्षित कार्य संस्कृति को एक नई दिशा देने के उद्देश्य से उठाया गया है।

आरएमपी सभागार में हुए कार्यक्रम में मुख्य महाप्रबंधक (रिफ्रैक्टरी) नागराजन श्रीकांत और महाप्रबंधक (आरएमपी) मुकेश कुमार सिंह मौजूद रहे। उन्होंने देव शरण पाल की सतर्क कार्यशैली और नियमों के प्रति उनकी निष्ठा की तारीफ करते हुए कहा कि यह सम्मान सिर्फ पुरस्कार नहीं, बल्कि “जीरो एक्सिडेंट” लक्ष्य की ओर एक बड़ा कदम है।

कर्मियों में बढ़ा आत्मविश्वास

सम्मान पाने के बाद देव शरण पाल ने अपने रोज़ाना काम में अपनाई जाने वाली जरूरी सुरक्षा सावधानियों को साझा किया और बताया कि छोटी-छोटी सतर्कताएं भी बड़ी दुर्घटनाओं को टाल सकती हैं। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि ऐसे प्रोत्साहन कार्यक्रम से न सिर्फ जागरूकता बढ़ती है बल्कि श्रमिकों के मन में जिम्मेदारी की भावना भी मजबूती से विकसित होती है।

कार्य–सुरक्षा पर बड़ी कार्यशाला

सुरक्षा अभियंत्रण विभाग ने सड़क और कार्यस्थल सुरक्षा पर एक खास जागरूकता कार्यशाला भी आयोजित की, जिसमें एफएसएनएल और एमआरडी विभाग के अधिकारी और संविदा कर्मी शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत सुरक्षा शपथ के साथ हुई।

इसके बाद सहायक महाप्रबंधक (एसईडी) नेहाल पासवान और सहायक प्रबंधक हिमांशु शर्मा ने सड़क सुरक्षा, जोखिम पहचान और सुरक्षित कार्य व्यवहार पर विस्तार से जानकारी दी। अधिकारियों ने साफ कहा कि बीएसएल में “जीरो टॉलरेंस फॉर अनसेफ एक्ट्स” नीति हर कर्मचारी पर समान रूप से लागू है।

सुरक्षा को लेकर ‘नो कम्प्रोमाइज’ संदेश

एमआरडी विभाग के महाप्रबंधक तापस सहाना ने कर्मियों से आग्रह किया कि वे सुरक्षा को अपनी रोजमर्रा की आदत बनाएं, क्योंकि सुरक्षित कार्यस्थल ही उत्पादकता का आधार है। कार्यशाला के अंत में एफएसएनएल के वरीय प्रबंधक सोमनाथ भद्रा ने दोनों संस्थानों के संयुक्त प्रयासों की सराहना की और कर्मियों को सीख को व्यवहार में अपनाने की अपील की।

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