Bokaro: बोकारो व्यवसायिक प्लॉट होल्डर वेलफेयर एसोसिएशन की वार्षिक आमसभा में शहर के व्यवसायिक समुदाय ने प्रबंधन द्वारा लीज नवीकरण और ट्रेड चार्ज के नाम पर लाखों की मांग के खिलाफ गहरा आक्रोश व्यक्त किया। सर्व समिति की बैठक में निर्णय लिया गया कि 2 फरवरी से नगर सेवा भवन के सामने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल प्रारंभ की जाएगी।
संगठन अध्यक्ष राजेंद्र विश्वकर्मा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि बोकारो स्टील प्लांट में मजदूरों की संख्या में भारी गिरावट के कारण सिटी सेंटर और सेक्टर मार्केट के प्लॉटधारियों की स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है। मार्केट लगभग मृतप्राय: हो चुके हैं और व्यवसायिक गतिविधियाँ ठप्प पड़ गई हैं। प्रबंधन की लगातार बढ़ती मांग और लीज शर्तों का उल्लंघन आम प्लॉटधारियों को आर्थिक संकट में डाल रहा है। उन्होंने कहा कि प्लॉटधारियों की रोजी-रोटी खतरे में है और उन्हें अपने प्लॉट बचाने के लिए मजबूर होकर सड़क पर उतरना पड़ रहा है।
कोषाध्यक्ष जगदीश चौधरी ने बताया कि बोकारो प्रबंधन द्वारा लीज नवीकरण शुल्क और ट्रेड चार्ज के नाम पर करोड़ों की मांग करना असंगत और गैरकानूनी है। प्लॉटधारी, श्रमिकों की घटती संख्या और व्यवसाय की जर्जर स्थिति के चलते इन अतिरिक्त शुल्कों का भुगतान करने की स्थिति में नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह न केवल प्लॉटधारियों के अधिकारों का हनन है, बल्कि न्यायालय के आदेशों की अवहेलना भी है।
सभा में उपस्थित डॉ. अब्दुल्ला ने कहा कि प्रबंधन ने लीज नवीकरण के दौरान जबरदस्ती पैसा वसूलने और प्लॉट कैंसिल करने जैसी गतिविधियाँ शुरू कर दी हैं, जबकि मामला रांची उच्च न्यायालय में लंबित है। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रबंधन का यह रवैया गंभीर और न्यायालय की अवमानना जैसा है।
सदस्य रामेश्वर कुमार ने कहा कि बोकारो प्रबंधन की यह मांग प्लॉटधारियों के लिए पलायन और आर्थिक संकट उत्पन्न कर रही है। इसी तरह आर. सी. प्रसाद ने कहा कि प्रबंधन ने लीज नवीकरण के मामले में बिना न्यायालय के निर्णय का इंतजार किए लाखों की मांग कर दी है, जिससे प्लॉटधारियों की स्थिति और गंभीर हो गई है।
संगठन सचिव विनोद कुमार ने बताया कि प्रबंधन का लक्ष्य प्लॉटधारियों को दबाना और व्यवसायिक परिसर पर कब्जा करना है। सिटी सेंटर और सेक्टर मार्केट की स्थिति जर्जर हो गई है, अवैध कब्जे और अतिक्रमण बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्लॉटधारियों का व्यवसाय शहर से पलायन कर दूसरे क्षेत्रों की ओर जा रहा है।
चेंबर ऑफ कॉमर्स के महामंत्री प्रवीण कुमार ने कहा कि बोकारो स्टील प्लांट को केवल उत्पादन पर ध्यान देने की बजाय प्लॉटधारियों की भलाई और व्यवसायिक विकास पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रबंधन द्वारा टाउनशिप को प्रॉफिट सेंटर बनाकर लीज शुल्क वसूलना लीज शर्तों का उल्लंघन और अन्याय है।
सभा में सर्व समिति द्वारा कुल पांच प्रस्ताव पारित किए गए:
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बोकारो स्टील प्लांट में घटती श्रमिक संख्या को वर्तमान स्थिति का मुख्य कारण मानना।
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डबल बेंच के फैसले का इंतजार करते हुए लीज नवीकरण राशि का निर्धारण करना।
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ठोस अपशिष्ट निस्तारण शुल्क में लगातार वृद्धि पर चिंता व्यक्त करना और उचित कार्यान्वयन की मांग करना।
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प्रबंधन से लीज नवीकरण और भूखंड मूल्यांकन संबंधी जानकारी मांगी जाए।
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शहर की व्यवसायिक और आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग।
सभा में बड़ी संख्या में प्लॉटधारी उपस्थित थे, जिनमें विनोद कुमार, आदित्य घोसला, संजय कुमार, श्याम नंदन सिंह, मनोज कुमार झा, सुनील कुमार, रतन गर्ग, सत्येंद्र कुमार, शशि आनंद, जीवन कुमार, कुंदन कुमार, महेंद्र प्रसाद, रामकुमार शर्मा, डॉ. रजनीकांत एस. एन. प्रसाद, ललित मोहन सहित अन्य शामिल थे। धन्यवाद ज्ञापन वीरेंद्र कुमार ने किया।
सभा में स्पष्ट किया गया कि प्रबंधन की यह नीति प्लॉटधारियों के मूलभूत अधिकारों के खिलाफ है और यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो 2 फरवरी से भूख हड़ताल शुरू होगी। सभी उपस्थित सदस्य और कार्यकर्ता इस आंदोलन में सक्रिय भागीदारी का संकल्प लिया।



