Patna: राजधानी पटना स्थित होटल मौर्या में मंगलवार को राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) की 98वीं त्रैमासिक बैठक संपन्न हुई। उपमुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही तक वार्षिक साख योजना (एसीपी) के तहत हासिल उपलब्धियों की समीक्षा की गई। बैठक में ग्रामीण विकास एवं सूचना मंत्री श्रवण कुमार तथा कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा भी मौजूद रहे। शीर्ष नेतृत्व ने प्राथमिकता वाले क्षेत्रों, विशेषकर कृषि, जीविका समूहों और एमएसएमई सेक्टर को समय पर पर्याप्त ऋण उपलब्ध कराने के स्पष्ट निर्देश दिए।
किसान क्रेडिट कार्ड, डिजिटल केसीसी और सरकारी योजनाओं पर मंथन
बैठक के दौरान केंद्र व राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित प्रमुख योजनाओं—पीएमईजीपी, पीएमएफएमई, मुद्रा योजना, पीएम-स्वनिधि, पीएम-विश्वकर्मा और पीएम सूर्य घर बिजली योजना के तहत ऋण वितरण की स्थिति का जायजा लिया गया। कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के लिए फसल ऋण, डिजिटल केसीसी और कृषि अवसंरचना कोष (AIF) के क्रियान्वयन में तेजी लाने पर जोर दिया गया। विशेष रूप से पशुपालन और मत्स्य पालन से जुड़े किसानों को केसीसी का लाभ देने तथा जीविका से जुड़े स्वयं सहायता समूहों (SHG) की महिलाओं के बैंक लिंकेज और व्यक्तिगत वित्तपोषण को प्राथमिकता देने के निर्देश जारी किए गए।
साख-जमा अनुपात में सुधार और महिला बीसी की संख्या बढ़ाने की पहल
राज्य के विभिन्न जिलों में साख-जमा अनुपात (सीडी रेशियो) की समीक्षा करते हुए बैंकों की ऋण देने की क्षमता में वृद्धि करने पर सहमति बनी। बिना बैंकिंग सेवा वाले राजस्व गांवों और केंद्रों में नए बैंकिंग आउटलेट खोलने की रूपरेखा रखी गई। ग्रामीण स्तर पर महिला बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट्स (BC) की भागीदारी बढ़ाने और उनके दैनिक कामकाज में आ रही बाधाओं को दूर करने पर विचार हुआ। इसके अलावा, पीओएस (PoS) मशीनों के विस्तार, बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी और स्कूली पाठ्यक्रमों के माध्यम से डिजिटल वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने की योजना तैयार की गई।
एनपीए निपटान, अनक्लेम्ड एसेट्स और जन शिकायतों के समाधान पर जोर
बैठक में गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (NPA), नीलाम-पत्र वादों और सरफेसी कानून से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे पर विस्तार से बात हुई। इसके साथ ही जनधन खातों के री-केवाईसी, जीवन ज्योति और सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना, ट्रांसजेंडर समुदाय के वित्तीय समावेशन तथा अनक्लेम्ड एसेट्स के निपटान की प्रक्रिया को तेज करने को कहा गया। मुख्यमंत्री सचिवालय के ई-कंप्लायंस डैशबोर्ड, सहयोग पोर्टल और सीपी ग्राम्स के माध्यम से आने वाली उपभोक्ता शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए गए। बैठक में विकास आयुक्त, वित्त, कृषि, सहकारिता और पशु संसाधन विभागों के प्रधान सचिव व सचिव सहित जीविका के सीईओ उपस्थित रहे।




