Patna: बिहार के सुदूर और दुर्गम ग्रामीण इलाकों को मुख्य सड़कों और बाजारों से जोड़ने के अभियान में ग्रामीण कार्य विभाग ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। राज्य के प्रत्येक गांव तक बारहमासी पक्की सड़क पहुंचाने के लक्ष्य के तहत अब तक 1,21,675 बसावटों को मुख्य सड़क नेटवर्क से जोड़ा जा चुका है। इन बस्तियों को बारहमासी कनेक्टिविटी देने के लिए कुल 1,20,948 किलोमीटर से अधिक पक्की ग्रामीण सड़कों का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।
1.29 लाख बसावटों का लक्ष्य, 8,780 पर काम जारी
विभाग द्वारा तैयार समग्र कार्ययोजना के अनुसार, पूरे राज्य में 1,34,704.13 किलोमीटर पक्की सड़कों के जरिए कुल 1,29,990 बसावटों को जोड़ने का कुल लक्ष्य निर्धारित किया गया था।
उपलब्धि: अधिकांश लक्षित क्षेत्रों में काम पूरा कर 1.21 लाख से अधिक बस्तियों को बारहमासी संपर्क दे दिया गया है।
प्रक्रियाधीन कार्य: शेष बची 8,780 बसावटों को पक्की सड़कों से जोड़ने के लिए प्रशासनिक और निर्माण प्रक्रियाएं तीव्र गति से जारी हैं।
चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में 9,264 किमी का नया लक्ष्य
ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन को निर्बाध बनाने के लिए इस वित्तीय वर्ष (2026-27) में भी निर्माण कार्यों में तेजी लाई गई है। विभाग ने चालू वित्तीय वर्ष के दौरान 3,161 छूटी हुई बसावटों को कनेक्टिविटी देने के लिए 9,264.54 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों के निर्माण का लक्ष्य रखा है, जिस पर मैदानी स्तर पर काम शुरू हो चुका है।
योजनाओं का समन्वय और गांवों का आर्थिक सशक्तीकरण
यह पूरा सड़क नेटवर्क ‘मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना’ और ‘प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना’ के वित्तीय समन्वय से विकसित किया जा रहा है।
बारहमासी पक्की सड़कों के निर्माण से न केवल ग्रामीणों का आवागमन सुगम हुआ है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं, उच्च शिक्षा केंद्रों, कृषि उपज मंडियों और आपातकालीन सेवाओं तक गांवों की पहुंच बेहद आसान हो गई है। विभाग का मुख्य उद्देश्य राज्य की हर पात्र बसावट को मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ना है।




