Patna: रक्षाबंधन के मौके पर बिहार में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस ने विशेष व्यवस्था शुरू की है। राज्य के सभी जिलों में 1,408 पुलिस दीदी टीमें विशेष पेट्रोलिंग और क्षेत्र भ्रमण कर रही हैं। इन टीमों को आपात स्थिति में तत्काल पुलिस सहायता उपलब्ध कराने के लिए ईआरएसएस डायल-112 से भी जोड़ा गया है। पुलिस दीदी की टीमें अपने-अपने थाना क्षेत्रों में स्कूल, कॉलेज, छात्रावास, कोचिंग संस्थान, मॉल, पार्क, सिनेमा हॉल, मेला, बाजार और हाट समेत संवेदनशील एवं भीड़भाड़ वाले स्थानों पर नियमित भ्रमण करेंगी। इसका उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं के लिए सुरक्षित माहौल तैयार करना और उनकी समस्याओं पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
डायल-112 से जुड़ीं 1408 पुलिस दीदी टीमें
जरूरत पड़ने पर पुलिस दीदी की टीमें महिलाओं और बालिकाओं को तत्काल पुलिस सहायता, काउंसलिंग और जरूरी सहयोग उपलब्ध कराएंगी। आपात स्थिति में इन टीमों को ईआरएसएस डायल-112 के माध्यम से निकटतम ईआरएसएस वाहन और अन्य पुलिस टीमों से जोड़ा जाएगा। इस व्यवस्था का मकसद यह है कि किसी महिला या बालिका को अचानक पुलिस सहायता की जरूरत पड़ने पर मौके तक मदद जल्द पहुंचाई जा सके।
स्कूल-कॉलेज और कोचिंग संस्थानों पर विशेष नजर
पुलिस दीदी की टीमें स्कूल, कॉलेज, छात्रावास और कोचिंग संस्थानों में जाकर महिलाओं एवं बालिकाओं से संपर्क करेंगी। इस दौरान उनकी सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं और जरूरतों की जानकारी ली जाएगी। टीमें संबंधित संस्थानों के प्रशासन, शिक्षकों, वार्डन और संचालकों के साथ भी समन्वय करेंगी। महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों, पुलिस सहायता और आपातकालीन सेवाओं की जानकारी भी दी जाएगी।
छेड़खानी और उत्पीड़न की शिकायत पर होगी कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, छेड़खानी, पीछा करने, उत्पीड़न या किसी अन्य आपराधिक गतिविधि की सूचना मिलने पर पुलिस दीदी की टीम आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। संवेदनशील स्थानों पर नियमित भ्रमण के जरिए ऐसी घटनाओं की रोकथाम पर भी जोर दिया जाएगा।
2500 पुलिस दीदी टीम बनाने का लक्ष्य
बिहार पुलिस ने पुलिस दीदी टीमों के गठन के लिए दो चरणों में लक्ष्य तय किया है। पहले चरण में 1,500 टीम और दूसरे चरण में 1,000 टीम, यानी कुल 2,500 पुलिस दीदी टीम गठित करने का लक्ष्य है। पहले से काम कर रही अभया ब्रिगेड की जगह अब जरूरत के अनुसार पुलिस दीदी टीमों का गठन किया गया है। प्रत्येक टीम में एक महिला पुलिस पदाधिकारी को प्रभारी और एक महिला पुलिसकर्मी को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल बनाने पर जोर
पुलिस दीदी टीमों के गठन का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों की रोकथाम के साथ उनके लिए सुरक्षित और भरोसेमंद माहौल तैयार करना है। इसके तहत पुलिस की टीमें सिर्फ पेट्रोलिंग तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि महिलाओं से सीधे संपर्क कर उनकी सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं को भी समझेंगी। रक्षाबंधन के मौके पर शुरू की गई यह विशेष पेट्रोलिंग व्यवस्था राज्य के सभी जिलों में लागू की गई है। पुलिस का जोर संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में लगातार निगरानी रखने तथा जरूरत पड़ने पर महिलाओं को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने पर है।




