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Patna: बिहार विधानमंडल के बजट सत्र का छठा दिन हंगामे और व्यक्तिगत छींटाकशी की भेंट चढ़ गया। मंगलवार को विधानपरिषद में विपक्षी सदस्यों ने राज्य में बढ़ते अपराध और दुष्कर्म की घटनाओं को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। हंगामा इतना बढ़ गया कि सभापति अवधेश नारायण सिंह ने सख्त रुख अपनाते हुए विपक्षी पार्षदों को मार्शल के जरिए सदन से बाहर निकलवा दिया और उन्हें दिनभर के लिए निलंबित कर दिया।
विवाद उस समय शुरू हुआ जब प्रश्नकाल के दौरान विपक्षी सदस्य कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर उपमुख्यमंत्री सह गृहमंत्री सम्राट चौधरी के इस्तीफे की मांग करने लगे। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे जब जवाब देने के लिए खड़े हुए, तब भी नारेबाजी नहीं रुकी। सभापति ने बार-बार सदस्यों को अपनी सीट पर जाने को कहा, लेकिन जब बात नहीं बनी तो उन्होंने आदेश दिया, “प्रश्न काल को बाधित नहीं किया जा सकता। विपक्ष के सभी सदस्यों को मार्शल आउट करिये, मैं इन्हें आज दिनभर के लिए बाहर जाने का आदेश देता हूं।”
सदन से बाहर निकलते समय माहौल तब और तनावपूर्ण हो गया जब मंत्री अशोक चौधरी और राजद एमएलसी सुनील कुमार सिंह के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। दोनों नेताओं के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि उन्होंने एक-दूसरे को ‘औकात दिखाने’ तक की धमकी दे डाली। अशोक चौधरी ने आरोप लगाया कि विपक्ष दलितों का अपमान कर रहा है, वहीं सुनील सिंह ने भी पलटवार करते हुए उन पर तीखे प्रहार किए।
विपक्ष की नेता राबड़ी देवी के नेतृत्व में सभी सदस्य सदन से बाहर आ गए और पोर्टिको में सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। राबड़ी देवी ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि सदन में विपक्ष की बात नहीं सुनी जा रही है। उन्होंने कहा, “हमें 12 घंटे के लिए बाहर जाने का आदेश मिला, इसलिए हम बाहर आ गए हैं, लेकिन हमारी आवाज दबाई नहीं जा सकती।” सदन में हुए इस आचरण को सभापति ने बेहद गंभीर माना है और इसे रिकॉर्ड में संज्ञान लिया गया है।

