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बुढ़ापे में नहीं थमेगा हुनर, बिहार के कलाकारों को हर महीने ₹3,000

बिहार सरकार की कलाकार पेंशन योजना के तहत राज्य के वरिष्ठ कलाकारों, गायकों और पेंटरों को प्रतिमाह ₹3000 की आर्थिक सहायता देकर बुढ़ापे का मजबूत सहारा दिया जा रहा है।

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Patna: बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी ‘कलाकार पेंशन योजना’ राज्य के संगीत, चित्रकला, नृत्य, तबलावादन और बांसुरीवादन से जुड़े पारंपरिक कलाकारों के लिए वरदान साबित हो रही है। इस योजना के माध्यम से कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में अपना जीवन समर्पित करने वाले वरिष्ठ और बुजुर्ग कलाकारों को हर महीने ₹3000 की सम्मानजनक पेंशन राशि प्रदान की जा रही है।

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लाभार्थी कलाकारों का कहना है कि सरकार की इस पहल ने उन्हें जीवन के इस पड़ाव पर एक मजबूत आर्थिक सहारा देकर उनकी कला साधना का सम्मान किया है।

बुजुर्ग कलाकारों को मिल रहा आर्थिक संबल

मिथिला पेंटर मिथिलेश झा ने जताया सरकार का आभार

मधुबनी जिले के रहने वाले 57 वर्षीय विख्यात मिथिला पेंटर मिथिलेश कुमार झा ने योजना का लाभ मिलने पर खुशी जताई है। उन्होंने बताया कि शारीरिक दिव्यांगता के बावजूद सरकार ने उन्हें हमेशा सहयोग दिया है। मिथिलेश कुमार झा को मिथिला पेंटिंग की प्रेरणा अपनी दादी और पद्मश्री व नेशनल अवार्ड से सम्मानित मशहूर कलाकार सीता देवी से मिली थी। वर्ष 2012 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उनके घर पहुंचकर उनकी कला की सराहना की थी।

लोक गायक सुरेंद्र प्रसाद बोले- बुढ़ापे में मिला मजबूत सहारा

60 वर्षीय भोजपुरी लोकगीत गायक सुरेंद्र प्रसाद ने भी पेंशन मिलने पर सरकार का धन्यवाद किया। वर्ष 1989 में विविध भारती से अपने गायन की शुरुआत करने वाले सुरेंद्र प्रसाद बिहार सरकार के कई सांस्कृतिक मंचों पर प्रस्तुतियां दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि मासिक पेंशन मिलने से अब कलाकारों को आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

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क्या है मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना?

मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना के तहत राज्य के उन सभी पात्र कलाकारों, रंगकर्मियों, लोक गायकों और वादकों को ₹3000 प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दी जाती है, जिन्होंने राज्य की पारंपरिक कला और सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने में अहम भूमिका निभाई है।

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