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बाढ़ के मुहाने पर बिहार! खतरे के निशान से ऊपर बह रहीं नदियां, इस एक नदी ने बढ़ाई टेंशन

बिहार में गंगा, कोसी और अन्य नदियों का जलस्तर कई स्थानों पर अब भी खतरे के निशान से ऊपर है, हालांकि अधिकांश जगहों पर पानी घट रहा है या स्थिर है, लेकिन पुनपुन नदी में हो रही वृद्धि ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।

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Patna: बिहार में बाढ़ का खतरा अभी भी पूरी तरह टला नहीं है। जल संसाधन विभाग के बाढ़ प्रबंधन सुधार सहायता केंद्र, पटना द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, शनिवार शाम तक गंगा, कोसी और अन्य प्रमुख नदियां कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि अधिकांश जगहों पर जलस्तर या तो स्थिर है या उसमें गिरावट दर्ज की जा रही है, लेकिन पुनपुन नदी के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने स्थानीय प्रशासन और निवासियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

पटना और आसपास के इलाकों में गंगा का हाल

आंकड़ों के मुताबिक, बक्सर में गंगा नदी चेतावनी स्तर से 0.43 मीटर ऊपर 59.75 मीटर पर स्थिर बनी हुई है। पटना जिले के दीघाघाट में जलस्तर खतरे के निशान से 0.44 मीटर ऊपर 50.89 मीटर पर स्थिर रहा, जबकि गांधीघाट पर यह 1.13 मीटर ऊपर (49.73 मीटर) घटने की प्रवृत्ति दिखा रहा है। बांकाघाट में भी गंगा खतरे के निशान से 0.69 मीटर ऊपर स्थिर है। इसके अलावा पंडारक और हाथीदह में गंगा क्रमशः चेतावनी और खतरे के निशान से ऊपर बनी हुई है, जहां हाथीदह में यह 1.18 मीटर ऊपर दर्ज की गई है।

मुंगेर से साहेबगंज तक घट रहा पानी, लेकिन खतरा बरकरार

आगे की बात करें तो मुंगेर, सुल्तानगंज, भागलपुर और अजगैनाबाद में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर होने के बावजूद अब इसमें गिरावट दर्ज की जा रही है। सुल्तानगंज में यह 1.83 मीटर और अजगैनाबाद में 1.20 मीटर ऊपर है। हालांकि, कहलगांव और साहेबगंज में नदी अभी भी खतरे के निशान से काफी ऊपर (क्रमशः 1.60 मीटर और 1.43 मीटर) स्थिर बनी हुई है।

इन सबके बीच, पुनपुन नदी के जलस्तर में हो रही लगातार वृद्धि ने स्थिति को संवेदनशील बना दिया है, जिस पर विभाग और स्थानीय प्रशासन की पैनी नजर बनी हुई है।

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