Patna: बिहार में राज्य सरकार के अधीन संचालित विभिन्न परीक्षा बोर्डों, भर्ती आयोगों, विश्वविद्यालयों और अन्य स्वायत्त भर्ती संस्थाओं की परीक्षा प्रणाली को फुलप्रूफ और पारदर्शी बनाने के लिए ‘परीक्षा सुधार पर विशेषज्ञ समिति’ के गठन का निर्णय लिया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने इस 5 सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति के गठन को लेकर आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। यह समिति अपने गठन की तिथि से तीन महीने के भीतर सरकार को अपनी विस्तृत अनुशंसाएं सौंपेगी।
रिटायर्ड या सेवारत न्यायाधीश करेंगे समिति की अध्यक्षता
जारी अधिसूचना के अनुसार, इस 5 सदस्यीय समिति की अध्यक्षता उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश अथवा उच्च न्यायालय के सेवारत या सेवानिवृत्त न्यायाधीश करेंगे। समिति का मुख्य उद्देश्य राज्य में परीक्षाओं को निष्पक्ष, सुरक्षित, पारदर्शी, तकनीकी रूप से सक्षम और समयबद्ध बनाना है, ताकि मुख्यमंत्री की आगामी पांच वर्षों में 1 करोड़ रोजगार देने की कार्ययोजना को तय समय-सीमा में गति दी जा सके।
इन 5 श्रेणियों की परीक्षाओं की होगी व्यापक समीक्षा
समिति आवश्यकतानुसार राज्यभर में आयोजित होने वाली निम्नलिखित परीक्षाओं की प्रक्रिया का अध्ययन कर सुधार के उपाय सुझाएगी:
माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक बोर्ड परीक्षाएं।
राज्य के सभी विश्वविद्यालयों की परीक्षाएं।
व्यावसायिक एवं तकनीकी पाठ्यक्रम परीक्षाएं।
विभिन्न प्रवेश एवं पात्रता (Entrance & Eligibility) परीक्षाएं।
सरकारी भर्ती एवं प्रतियोगी परीक्षाएं।
इसके साथ ही संवैधानिक और वैधानिक भर्ती निकायों की स्वायत्तता का सम्मान करते हुए सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों (Best Practices) को लागू करने के लिए संस्थागत तंत्र विकसित किया जाएगा।
तय समय-सीमा के लिए बनेगा ‘राज्य परीक्षा कैलेंडर’
अक्सर परीक्षाओं के आयोजन, मूल्यांकन और परिणाम प्रकाशन में होने वाली देरी को खत्म करने के लिए समिति एक स्थायी ‘राज्य परीक्षा कैलेंडर’ की अनुशंसा करेगी। इसमें विज्ञापन प्रकाशन, आवेदन, एडमिट कार्ड जारी करने, परीक्षा आयोजन, प्रोविजनल व फाइनल आंसर-की जारी करने, मूल्यांकन और अंतिम परिणाम की घोषणा के लिए सख्त अधिकतम समय-सीमा तय की जाएगी।
AI, डिजिटल ट्रैकिंग और बायोमेट्रिक से रुकेगी धांधली
प्रश्न-पत्र लीक, फर्जीवाड़े, ओएमआर शीट में हेरफेर और परीक्षा केंद्रों में गड़बड़ियों को रोकने के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा तंत्र विकसित किया जाएगा:
प्रश्न-पत्र निर्माण व सुरक्षा: बहु-स्तरीय प्रश्न-पत्र सेटिंग, मॉडरेशन, सुरक्षित परिवहन और एन्क्रिप्टेड डिजिटल ट्रांसमिशन।
परीक्षा केंद्र निगरानी: बायोमेट्रिक सत्यापन, लाइव सीसीटीवी निगरानी और अभ्यर्थियों की फुलप्रूफ जांच।
अत्याधुनिक तकनीक: एंड-टू-एंड डिजिटल ट्रैकिंग, टैम्पर-प्रूफ पैकेजिंग, जियो-टैगिंग, जियो-फेंसिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और साइबर सुरक्षा ऑडिट।
स्वतंत्र ऑडिट: परीक्षा प्रणाली के नियमित मूल्यांकन के लिए स्वतंत्र क्वालिटी एश्योरेंस और ऑडिट व्यवस्था लागू होगी।




