Patna: बिहार सरकार ने महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए बड़ा लक्ष्य तय किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि अगले तीन वर्षों में 1 करोड़ महिलाओं को सीधे रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक तरक्की से ही बिहार के विकास को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद सभागार में रक्षाबंधन से पहले आयोजित कार्यक्रम में सीएम ने ‘सुधा सखी’, महिला संचालित पशु औषधि बिक्री केंद्र और ‘अनीमिया मुक्त बिहार’ अभियान की शुरुआत की। 25, 26 और 27 अगस्त तक चलने वाले विशेष अभियान में स्वास्थ्य, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग की योजनाओं का लाभ महिलाओं तक पहुंचाया जाएगा।
25 अगस्त से शुरू हुआ ‘अनीमिया मुक्त बिहार’ अभियान
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ‘अनीमिया मुक्त बिहार’ विशेष अभियान की शुरुआत करते हुए कहा कि महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर सरकार गंभीरता से काम कर रही है। यह अभियान 25 अगस्त से 30 नवंबर 2026 तक चलेगा। इसके तहत करीब 1 करोड़ 20 लाख 82 हजार 500 लाभार्थियों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान के दौरान बच्चों, महिलाओं और खासकर गर्भवती महिलाओं में एनीमिया की जांच की जाएगी। खून की कमी पाए जाने पर जरूरत के अनुसार दवा और उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
इसके साथ ही एनीमिया से बचाव को लेकर लोगों को जागरूक किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि गर्भवती महिलाओं में खून की कमी मां और बच्चे दोनों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। इसलिए समय पर जांच और उपचार जरूरी है। उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं को जिला स्तर पर मजबूत करने की बात भी कही। मुख्यमंत्री के अनुसार जिलों में 36 तरह के ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया गया है, ताकि लोगों को हर स्वास्थ्य जरूरत के लिए पटना नहीं आना पड़े।
सुधा सखी से महिलाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में करीब 1.81 करोड़ महिलाएं जीविका से जुड़ी हैं और 13 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूह काम कर रहे हैं। अब इन महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अधिक अवसर देने पर जोर दिया जा रहा है। डेयरी क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए उन्हें सुधा सखी, जीविका सुधा बिक्री केंद्र और दूध संग्रहण केंद्रों से जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि फिलहाल करीब 12 लाख किसान दूध उत्पादन से जुड़े हैं। इसे बढ़ाकर 50 लाख से अधिक करने का लक्ष्य रखा गया है। राष्ट्रीय स्तर पर डेयरी क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी करीब 70 प्रतिशत है, जिसे बिहार में बढ़ाकर 80 प्रतिशत करने का लक्ष्य है।
हर पंचायत में खुलेगा सुधा बिक्री केंद्र
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत सुधा बिक्री केंद्र खोलने वाली महिलाओं को दूसरी और तीसरी किस्त मिलाकर करीब ₹60 हजार की सहायता दी जा रही है। सरकार की योजना हर पंचायत में एक सुधा बिक्री केंद्र खोलने की है। इसके लिए महिलाओं का चयन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। आगे इन केंद्रों का विस्तार गांवों तक करने की तैयारी है।
534 प्रखंडों में खुलेंगे पशु औषधि बिक्री केंद्र
पशुपालकों को गांव के पास ही पशु दवाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य के सभी 534 प्रखंडों में पशु औषधि बिक्री केंद्र खोलने का अभियान शुरू किया गया है। इन केंद्रों के संचालन से महिलाओं को जोड़ा जाएगा। कार्यक्रम के दौरान चयनित महिलाओं को इसके लिए चयन पत्र भी दिए गए।
अंतरजातीय विवाह पर महिलाओं को मिलेंगे ₹2.50 लाख
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिलाओं के अंतरजातीय विवाह को लेकर भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि पात्र महिलाओं को बिहार सरकार की ओर से ₹1.25 लाख की सहायता दी जाएगी। केंद्र सरकार की ओर से भी ₹1.25 लाख की सहायता का प्रावधान है।
इस तरह पात्र लाभार्थियों को कुल ₹2.50 लाख की सहायता मिल सकेगी।
प्रतियोगी परीक्षा पास करने वाली छात्राओं को भी प्रोत्साहन
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाली छात्राओं के लिए भी प्रोत्साहन राशि की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रारंभिक परीक्षा पास करने वाली सभी वर्गों की छात्राओं को ₹30 हजार से ₹1 लाख तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में पंचायत और नगर निकाय चुनावों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। उन्होंने कहा कि इसका असर यह है कि राज्य में करीब 59 से 60 प्रतिशत महिलाएं जनप्रतिनिधि के रूप में चुनकर आ रही हैं।
उन्होंने इसे महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
अब 1 करोड़ लोगों को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2020 में 10 लाख सरकारी नौकरी और 10 लाख रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया था। सरकार के मुताबिक करीब 12 लाख सरकारी नौकरियां दी गईं और लगभग 51 लाख लोगों को रोजगार से जोड़ा गया। अब सरकार ने 1 करोड़ लोगों को सीधे सरकारी नौकरी और रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। इसमें महिलाओं की भागीदारी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विद्यार्थी सहयोग शिविर का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए शुरू किए गए विद्यार्थी सहयोग शिविर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हॉस्टल, स्कूल, कॉलेज और शिक्षा से जुड़ी समस्याओं को इसमें शामिल किया गया है। सहयोग पोर्टल पर अब तक करीब 6.46 लाख आवेदन आए हैं, जिनमें 96 प्रतिशत आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है। कार्यक्रम में ‘सुधा सखी’ प्रशिक्षण शिविर की शुरुआत की गई। जीविका सुधा बिक्री केंद्रों के आवंटन पत्र और दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों के निबंधन प्रमाण पत्र भी बांटे गए।
इसके अलावा मिथिला हस्तकला को-ऑपरेटिव सोसायटी की घोषणा की गई। पद्मश्री दुलारी देवी को अध्यक्ष, पद्मश्री शांति देवी और पद्मश्री शिवम पासवान को सह अध्यक्ष तथा रानी झा को सदस्य बनाया गया। रक्षाबंधन के मौके पर जीविका दीदियों, सुधा सखियों और दुग्ध उत्पादक महिलाओं ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने सभी को शुभकामनाएं दीं। इसके बाद उन्होंने डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के सुधा स्टॉलों का निरीक्षण किया और उत्पादों की जानकारी ली। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, स्वास्थ्य मंत्री निशांत, समाज कल्याण मंत्री श्वेता गुप्ता, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री नंदकिशोर राम समेत कई मंत्री, अधिकारी, जीविका दीदियां, सुधा सखियां और लाभुक महिलाएं मौजूद रहीं।




