पटना: प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का दायरा अब बढ़ाया जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत मोटरसाइकिल रखने वाले और सीमित कृषि भूमि वाले गरीब परिवार भी योजना का लाभ ले सकेंगे। अब केवल बाइक या जमीन होने के कारण जरूरतमंद परिवारों को योजना से बाहर नहीं किया जाएगा।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को पटना के बापू सभागार में आयोजित कार्यक्रम में इसकी घोषणा की। इस दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभुकों को नए पक्के मकानों की चाबी भी सौंपी गई।
11 लाख से ज्यादा घर बनाने का लक्ष्य
वित्तीय वर्ष 2026-27 में बिहार में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 11 लाख 18 हजार 937 मकान बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से 13,427 करोड़ रुपये की सहायता दी जाएगी।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि पक्का मकान गरीब परिवारों के लिए सुरक्षा और सम्मान का आधार है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद परिवारों को जल्द से जल्द पक्के घर उपलब्ध कराने पर सरकार का जोर है।
बिहार को मिलेंगे 9,402 करोड़ रुपये
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में ग्रामीण विकास योजनाओं के लिए बिहार को मार्च तक 9,402 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके बाद करीब 10,800 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि मिलने की बात भी कही गई।
2.35 लाख आवास पूरे
कार्यक्रम के दौरान वित्तीय वर्ष 2026-27 में पूरे किए गए 2 लाख 35 हजार आवासों में से कुछ लाभुकों को सांकेतिक रूप से नए घर की चाबी दी गई।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराना है। पात्रता का दायरा बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रों के कई गरीब परिवारों को इसका फायदा मिलने की उम्मीद है।




