Patna: भागलपुर प्रमंडल में आवागमन को सुगम बनाने और वर्षों से लंबित सड़क, पुल एवं आरओबी (रेलवे ओवरब्रिज) परियोजनाओं को गति देने के लिए पथ निर्माण विभाग ने कड़े कदम उठाए हैं। पटना के विश्वेश्वरैया भवन में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में विभागीय मंत्री ई. कुमार शैलेन्द्र ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि निर्माण की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा और सभी योजनाएं निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी होनी चाहिए। बैठक में पथ निर्माण निगम, राष्ट्रीय उच्च पथ (NH), बिहार राज्य पुल निर्माण निगम (BRPNNL) और बिहार राज्य पथ विकास निगम (BSRDCL) के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
एनएच-80 पर 95% काम पूरा
समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि एनएच-80 (भागलपुर–कहलगांव–मिर्जाचौकी खंड) के 47.815 किलोमीटर लंबे मार्ग के पुनर्वास और 2-लेन विथ पेव्ड शोल्डर चौड़ीकरण का 95 फीसदी से अधिक भौतिक कार्य पूरा हो चुका है। शेष बचे हिस्से को तेजी से निपटाने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही भागलपुर–अमरपुर–बांका (एसएच-25) और सुल्तानगंज–तारापुर–बेलहर–कटोरिया–दर्दमारा (एसएच-22) को 4-लेन बनाने के काम की प्रगति परखी गई। अमरपुर बाईपास (7.052 किमी) के लिए जमीन अधिग्रहण की अड़चनों को दूर कर काम जल्द खत्म करने को कहा गया।
पुल और आरओबी पर फोकस
शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में जाम की समस्या खत्म करने के लिए भागलपुर–बौंसी रेलवे लाइन और एसएम कॉलेज–मिर्जानहाट मार्ग पर प्रस्तावित आरओबी निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा ऑरहनी नदी पर एचएल आरसीसी ब्रिज, सुखानिया नदी पर 4-लेन मेजर ब्रिज और चर्चित सुलतानगंज–अगुवानी घाट गंगा पुल के शेष तकनीकी पहलुओं की गहन समीक्षा की गई। मंत्री ने कहा कि पुल निर्माण में सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन होना चाहिए।
गंगा पथ और क्लीयरेंस का पेंच
मुंगेर (सफीयाबाद)–बरियारपुर–घोरघट–सुलतानगंज गंगा पथ और सुलतानगंज–भागलपुर–सबौर गंगा पथ परियोजना पर अधिकारियों के साथ मंथन हुआ। मंत्री ने वन, पर्यावरण और भू-अर्जन से जुड़ी सभी तरह की एनओसी (क्लीयरेंस) समय पर लेने का आदेश दिया। बैठक में पुल निर्माण निगम के अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार सहित मुख्य महाप्रबंधक, प्रबंध निदेशक और प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता मौजूद रहे।




