Kolkata: पश्चिम बंगाल की रेजीनगर और नंदीग्राम विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले राजनीतिक माहौल गरमा गया है। आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के प्रमुख हुमायूं कबीर ने बड़ा ऐलान किया है कि वह रेजीनगर सीट से चुनाव लड़ रहे अपने बेटे गुलाम नबी आजाद के लिए जमीनी स्तर पर प्रचार नहीं करेंगे। कबीर ने यह फैसला अपनी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं की लगातार हो रही गिरफ्तारियों के विरोध में लिया है। उल्लेखनीय है कि कबीर द्वारा इस सीट से इस्तीफा देने के बाद ही रेजीनगर में उपचुनाव कराए जा रहे हैं।
Read more: ममता को बड़ा झटका! हुमायूं कबीर का ऐलान- लड़ेंगे सभी 294 सीटों पर
केवल सोशल मीडिया पर मांगेंगे वोट, बेटे ने भी किया समर्थन
हुमायूं कबीर ने स्पष्ट किया है कि वह चुनावी रैलियों या जनसंपर्क के लिए मैदान में नहीं उतरेंगे, लेकिन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए अपने बेटे और पार्टी के पक्ष में प्रचार जारी रखेंगे। उनके बेटे और प्रत्याशी गुलाम नबी आजाद ने पिता के रुख का समर्थन करते हुए कहा कि पार्टी के हित में लिया गया यह निर्णय सभी पर लागू होता है। कबीर ने आरोप लगाया कि आचार संहिता लागू होने के बाद भी पुलिस निष्पक्ष भूमिका नहीं निभा रही है और रेजीनगर व शक्तिपुर पुलिस स्टेशनों के तहत पार्टी के चार नेताओं को चुन-चुनकर निशाना बनाया गया है।
पुलिस ने भड़काऊ टिप्पणी मामले में की कार्रवाई
इधर, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि एजेयूपी से जुड़े नसीम शेख को शनिवार रात रेजीनगर के मियांग्राम से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, 7 मई को शक्तिपुर में आयोजित पार्टी की बैठक के दौरान मंच से पुलिस के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक और भड़काऊ बयानबाजी की गई थी, जिसके आधार पर केस दर्ज था। इसी जांच के तहत नसीम की गिरफ्तारी हुई है। इसके अलावा, रेजीनगर से निर्दलीय प्रत्याशी सैफुल इस्लाम को वर्ष 2021 के एक पुराने हिंसा मामले में गिरफ्तार किया गया है। वहीं कांग्रेस ने भी आरोप लगाया है कि नंदीग्राम से उसके उम्मीदवार मिलन प्रधान और नेता सुभाशीष भट्टाचार्य को पुलिस निशाना बना रही है।
Read more: बंगाल: सीमा पर फेंसिंग के लिए BSF को जमीन देने का आदेश; बांग्लादेश में मची खलबली




